क्या अर्जेंटीना फुटबॉल टीम ने केरल के साथ किया धोखा? मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप
केरल के खेल मंत्री का आरोप
नई दिल्ली: केरल के खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान ने अर्जेंटीना फुटबॉल टीम और उसके स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री का कहना है कि टीम ने मैच खेलने का वादा किया था और इसके लिए बड़ी रकम भी ली, लेकिन वे केरल आने से मुकर गए। इसे उन्होंने धोखा करार दिया है।
मंत्री का बड़ा बयान
मंत्री अब्दुरहीमान ने कहा कि वे अर्जेंटीना टीम केरल आने को लेकर बेहद उत्साहित थे और मेसी सहित अन्य खिलाड़ियों के मैच खेलने की उम्मीद कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने कई बार बातचीत की और स्पॉन्सर्स से ₹250 करोड़ की व्यवस्था की। इतनी बड़ी राशि जुटाना आसान नहीं था, लेकिन सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। हालांकि, पैसे लेने के बाद टीम नहीं आई। मंत्री ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे साथ धोखा है। हमें ऐसी उम्मीद नहीं थी।”
क्या अन्य देशों के साथ भी ऐसा हुआ?
जांच में यह भी सामने आया है कि अर्जेंटीना टीम ने इसी तरह के व्यवहार को पांच अन्य देशों के साथ भी अपनाया है। उन्होंने पैसे लिए लेकिन मैच खेलने नहीं पहुंचे। मंत्री ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की संभावना के संकेत दिए। उन्होंने कहा, “हमें इस स्थिति में केस दर्ज करना पड़ सकता है और टीम से मुआवजा मांगना होगा।”
फुटबॉल प्रेमियों के लिए निराशा
केरल के फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह एक बड़ा झटका है। मंत्री खुद मेसी की टीम के आने को लेकर बहुत उत्साहित थे। उन्होंने कहा, “मैं अपनी निराशा किससे कहूं, समझ नहीं आ रहा।” पिछले साल नवंबर में मंत्री ने घोषणा की थी कि मार्च में अर्जेंटीना टीम और लियोनेल मेसी केरल आएंगे, लेकिन अब यह सपना टूट गया है।
मंत्री का राजनीतिक कदम
इस बीच, अब्दुरहीमान ने यह भी बताया कि वे तिरुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। यह उनका गृह क्षेत्र है, जहां विकास की कई समस्याएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी मजबूत सीट की तलाश में नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास के लिए लिया गया है। केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने वाले हैं।
यह पूरा मामला केरल में फुटबॉल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अर्जेंटीना टीम और मेसी जैसे विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी के आने की उम्मीद ने लोगों में जोश भर दिया था, लेकिन अब धोखे के आरोपों ने माहौल को निराशाजनक बना दिया है। केरल सरकार और मंत्री अब आगे क्या कानूनी कदम उठाते हैं, इस पर सबकी नजर है।
