गुजरात टाइटन्स की तीन बड़ी गलतियाँ जो उन्हें हार की ओर ले जा रही हैं
दिल्ली कैपिटल्स का सामना गुजरात टाइटन्स से
नई दिल्ली: बुधवार को अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स का मुकाबला गुजरात टाइटन्स से होगा, जो वर्तमान में अंक तालिका में दूसरे सबसे निचले स्थान पर है। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इस मैच को जीतने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इस जीत के साथ, वे लीग में अपनी पहली जीत दर्ज करना चाहेंगे।
हालांकि, इसके लिए उन्हें अपनी पुरानी गलतियों को सुधारना होगा। गुजरात टाइटन्स इस सीजन में तीन प्रमुख गलतियाँ कर रही है, जिसके कारण वे लगातार हार का सामना कर रहे हैं। इस लेख में, हम उन तीन गलतियों पर चर्चा करेंगे जो टीम की मुश्किलों का कारण बन रही हैं।
गुजरात टाइटन्स की हार के कारण
गुजरात टाइटन्स ने जब आईपीएल में कदम रखा था, तब उन्होंने लीग पर राज किया था। पहले सीजन में ही ट्रॉफी जीतने वाली इस टीम को अब एक-एक जीत के लिए तरसना पड़ रहा है। फैंस भी जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि टीम लगातार हार रही है। आइए जानते हैं-
1. पावर-हिटिंग की कमी: गुजरात टाइटन्स की हार का एक बड़ा कारण उनकी टीम में पावरहिटर्स की कमी है। टीम में ऐसे बल्लेबाज हैं जो लंबे शॉट्स मार सकते हैं, लेकिन कोई भी सही लय में नहीं दिख रहा है।
उदाहरण के लिए, जीटी के मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने PBKS के खिलाफ 150 के स्ट्राइक रेट से आगे नहीं बढ़ पाए, जिससे टीम 162-6 पर सिमट गई। वहीं, RR के खिलाफ साई सुदर्शन (44 गेंदों में 73 रन) को छोड़कर बाकी सभी बल्लेबाज 30 रन से भी कम पर आउट हो गए।
2. फिनिशिंग में कठिनाई: जीटी के बल्लेबाजों को आरआर के खिलाफ फिनिशिंग टच देने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। वे आरआर के तेज गेंदबाज तुषार के अंतिम ओवर में 11 रन भी नहीं बना पाए। जबकि पीबीकेएस के खिलाफ जीटी की बल्लेबाजी के अंतिम पांच ओवरों में केवल 34 रन बने।
3. गेंदबाजी की स्थिति खराब: टीम की गेंदबाजी इस सीजन में काफी कमजोर नजर आ रही है। PBKS के खिलाफ 163 रनों का लक्ष्य देने के बावजूद जीटी PBKS के कूपर कॉनॉली (73*) को आउट करने में असफल रही।
इस दौरान कागीसो रबाडा की इकॉनमी 11.33 और अशोक शर्मा की 10.33 रही। वहीं, आरआर के खिलाफ जीटी के गेंदबाजों ने कुल 210 रन लुटाए थे। यदि टीम अपनी इन कमियों पर ध्यान दे, तो उनकी वापसी संभव है।
