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गौतम गंभीर ने T20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत को समर्पित किया पूर्व कोचों को

गौतम गंभीर ने T20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत को पूर्व कोचों राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि द्रविड़ के कार्यकाल में टीम की संरचना को मजबूत किया गया। गंभीर ने अजीत अगरकर की चयन प्रक्रिया की भी सराहना की। जानें इस ऐतिहासिक जीत के बारे में और क्या कहा गया।
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गौतम गंभीर ने T20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत को समर्पित किया पूर्व कोचों को

भारत ने जीता T20 वर्ल्ड कप 2026


नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऐतिहासिक T20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत को उन सभी लोगों को समर्पित किया जिन्होंने टीम की मजबूत नींव रखी। भारत ने 8 मार्च को न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया। यह भारत का तीसरा T20 वर्ल्ड कप खिताब है और लगातार दो बार यह खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर का बयान

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि यह सफलता केवल वर्तमान टीम की नहीं है, बल्कि उन सभी का भी है जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को मजबूत किया है।



गंभीर का जीत का श्रेय

गंभीर ने जीत का श्रेय सबसे पहले पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ को दिया। उन्होंने कहा कि द्रविड़ के कार्यकाल में टीम की संरचना और स्थिरता को मजबूत किया गया, जिसका लाभ आज भी मिल रहा है।


इसके बाद गंभीर ने वीवीएस लक्ष्मण की भी सराहना की, जो वर्तमान में BCCI से जुड़े हैं और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


गंभीर के विचार

गंभीर ने कहा, 'मैं इस ट्रॉफी को सबसे पहले राहुल भाई और फिर लक्ष्मण भाई को समर्पित करना चाहता हूं। राहुल भाई ने भारतीय क्रिकेट को जिस तरह से मजबूत किया है, वह अद्वितीय है।'


अजीत अगरकर पर टिप्पणी

टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का जिक्र करते हुए गंभीर ने कहा कि उन्हें अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन टीम चयन के प्रति उनकी ईमानदारी और प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है। गंभीर ने कहा कि अगरकर ने हमेशा सही निर्णय लेने की कोशिश की और टीम का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


गंभीर ने जय शाह का भी विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के कठिन समय में केवल जय शाह ने ही उनसे संपर्क किया। गंभीर ने कहा, 'जब मैं सबसे बुरे दौर से गुजर रहा था, तब बहुत कम लोगों ने फोन किया। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद केवल जय भाई ने मुझसे बात की। उन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मुझे यह जिम्मेदारी दी, जबकि मुझे पहले किसी टीम के हेड कोच के रूप में कोई अनुभव नहीं था।'