घरेलू क्रिकेट में देवदत्त पडिक्कल का शानदार प्रदर्शन, लेकिन कोच गंभीर ने नहीं दिया ODI डेब्यू
घरेलू क्रिकेट का भविष्य: देवदत्त पडिक्कल
घरेलू क्रिकेट का मौजूदा सीजन भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक दिखा रहा है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के बाद अब विजय हजारे ट्रॉफी में बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिल रहा है। इस सीजन में कई बल्लेबाजों ने चार या उससे अधिक शतक जड़कर अपनी क्षमता साबित की है।
विजय हजारे ट्रॉफी में रनों की बौछार
विजय हजारे ट्रॉफी में कई युवा और अनुभवी बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। कर्नाटक के देवदत्त पडिक्कल ने इस सीजन में अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने हर मैच में विपक्षी गेंदबाजों को परेशान किया है।
पांच मैचों में चार शतक, चयनकर्ताओं को संदेश
पडिक्कल ने इस सीजन के पहले पांच मैचों में चार शतक बनाकर अपनी फॉर्म को साबित किया है। त्रिपुरा के खिलाफ 108 रन की पारी हो या अन्य मैचों में बड़े स्कोर, उन्होंने हर बार अपनी क्षमता दिखाई है। राजस्थान के खिलाफ छठे मैच में भी उन्होंने 91 रन बनाकर अपनी निरंतरता को बनाए रखा।
लिस्ट-ए क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धि
25 साल की उम्र में, देवदत्त पडिक्कल ने लिस्ट-ए क्रिकेट में 38 पारियों में 13 शतक बनाकर एक अद्वितीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। उनका औसत लगभग 83 है और उन्होंने 2600 से अधिक रन बनाए हैं। यह उनकी तकनीकी मजबूती और निरंतरता को दर्शाता है।
कोच गौतम गंभीर ने नहीं दिया अभी तक ODI डेब्यू
हालांकि उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद, उन्हें अभी तक वनडे क्रिकेट में खेलने का मौका नहीं मिला है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में चयन न होना उनके लिए निराशाजनक रहा है, लेकिन उनकी वर्तमान फॉर्म को देखते हुए, वह भविष्य में टीम इंडिया के लिए एक मजबूत दावेदार बन सकते हैं।
