टी20 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया की चुनौती और स्कोरिंग रेट का रहस्य
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अनोखा ट्रेंड
नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के इस सीजन में एक महत्वपूर्ण और अनोखी बात देखने को मिली है, जो पिछले आईसीसी टूर्नामेंट्स से काफी भिन्न है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम से लेकर देशभर के क्रिकेट विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति को सीधे टीम इंडिया से जोड़कर देख रहे हैं।
स्कोरिंग रेट में कमी
इस बार टी20 वर्ल्ड कप में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्कोरिंग रेट अपेक्षा से कहीं अधिक कम है। टीम इंडिया जैसी मजबूत बल्लेबाजी वाली टीम भी इस स्थिति को नहीं बदल पाई है, तो अन्य एसोसिएट और छोटी टीमों की तो बात ही छोड़ दें।
मार्केटिंग हाइप और 300 रनों का भ्रम
टूर्नामेंट के आरंभ से पहले होस्ट ब्रॉडकास्टर ने रनों की बौछार की उम्मीद को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था। लेकिन असल खेल में ऐसा कुछ नहीं हुआ। हर मैच से पहले क्रिकेट प्रेमियों ने कहा कि इस बार 300 के स्कोर का नया विश्व रिकॉर्ड बन सकता है।
अब जब ग्रुप राउंड में केवल एक मैच बचा है, तो पिचों, एसोसिएट्स के प्रदर्शन और क्रिकेट के इतिहास ने कुछ और ही कहानी बयां की है। जब टीम इंडिया इस आंकड़े को पार नहीं कर सकी, तो अन्य टीमों से उम्मीद करना बेमानी है। यह तो यूएसए के खिलाफ पहले मैच से ही स्पष्ट हो गया था।
यूएसए के खिलाफ मैच और सूर्यकुमार का प्रदर्शन
भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उस कठिन मैच में शानदार 49 गेंदों में 84 रन बनाए। उन्होंने टीम को 46 रन पर 4 विकेट के संकट से बाहर निकाला। फिर भी टीम का 161/9 का स्कोर 300 या उससे अधिक के स्कोर की मार्केटिंग हाइप से बहुत कम साबित हुआ।
क्या भारत टी20 वर्ल्ड कप में 300 रन बनाने वाली पहली टीम होगी, जैसे सवालों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ गईं। ऐसा नहीं है कि 300 रन बनाना असंभव है। आमतौर पर यह बात नजरअंदाज कर दी जाती है कि जिम्बाब्वे, नेपाल और इंग्लैंड टी20 इंटरनेशनल में 300 से अधिक रन बना चुके हैं।
वानखेड़े की पिच पर अश्विन का बयान
टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप से पहले अपने अंतिम टी20 मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 271 रन बनाए थे और सीरीज के दौरान 12.35 प्रति ओवर की औसत से रन बनाए थे। यह पूरे 20 ओवर की पारी में औसतन 247 रन के बराबर है। नामीबिया और नीदरलैंड्स का गेंदबाजी अटैक न्यूजीलैंड से कम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इस वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया इस ऊंचाई तक भी नहीं पहुंच पाई।
जब टीम ने पहले बैटिंग की, तो सब कुछ रिकॉर्ड के लिए सेट माना जा रहा था। इसके बजाय, टीम 161-9 पर लड़खड़ा गई, जो जीत के लिए पर्याप्त था।
टीम इंडिया का 2.50 का नेट रन रेट
सच यह है कि टी20 वर्ल्ड कप में सातवें मैच तक कोई भी टीम 200 तक नहीं पहुंची। यूएसए के खिलाफ मैच के बाद स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने स्पष्ट कहा कि भारत को एक सामान्य वानखेड़े स्टेडियम जैसी पिच की उम्मीद थी, लेकिन जो मिली वह पूरी तरह से अलग और काफी चौंकाने वाली थी।
यह पिच आईपीएल से बिल्कुल भिन्न थी। टूर्नामेंट के मैचों ने साबित कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में स्कोर कम हो जाते हैं। भारत ने ग्रुप राउंड में शानदार 2.50 का नेट रन रेट दर्ज किया। टीम ने 80 ओवर खेले और 80 ओवर गेंदबाजी की। जहां एक ओर 738 रन बनाए, वहीं विपक्षी बल्लेबाजों ने 538 रन बनाए।
अभिषेक शर्मा का अनचाहा रिकॉर्ड
भारत अकेली ऐसी टीम है जिसका नेट रन रेट 2 से ज्यादा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सुपर 8 राउंड में यह सिलसिला कुछ बदलेगा। इसके अलावा एक मजेदार तथ्य भी क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। युवा भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अकेले नहीं हैं।
टी20 वर्ल्ड कप में तीन पारियां खेलने वाले और तीनों में शून्य (0) पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में आशीष नेहरा (भारत) 2010-16 और रोजर मुकासा (युगांडा) 2024 के बाद अब अभिषेक शर्मा (भारत) 2026 का नाम भी जुड़ गया है।
