टी20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान की चुनौती और सेमीफाइनल की उम्मीदें
पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं
नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण में पाकिस्तान की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। कोलंबो में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को 61 रन से हराकर ग्रुप 2 की स्थिति को लगभग स्पष्ट कर दिया है। इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह बना चुका है, जबकि श्रीलंका प्रतियोगिता से बाहर हो गया है।
इस परिप्रेक्ष्य में, सलमान अली आगा की अगुवाई वाली पाकिस्तानी टीम के लिए अब केवल एक ही मुकाबला बचा है, जिसमें उन्हें जीत हासिल करनी होगी। इसके साथ ही, पाकिस्तान को अन्य टीमों के परिणामों और रन रेट पर निर्भर रहना होगा।
ग्रुप 2 में इंग्लैंड का दबदबा
ग्रुप 2 में इंग्लैंड 4 अंकों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि उसका नेट रन रेट +1.491 है। न्यूजीलैंड के पास 3 अंक और +3.050 का शानदार नेट रन रेट है। पाकिस्तान 1 अंक और -0.461 एनआरआर के साथ तीसरे स्थान पर है। श्रीलंका दो हार के बाद शून्य अंक पर है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि पाकिस्तान को केवल जीत नहीं, बल्कि एक बड़ी जीत की आवश्यकता है।
न्यूजीलैंड की प्रभावशाली जीत
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 168 रन बनाए और श्रीलंका को 107/8 पर रोक दिया। रचिन रवींद्र ने 4/27 की शानदार गेंदबाजी की, जिससे श्रीलंकाई मध्यक्रम बिखर गया। इस जीत ने कीवी टीम को सेमीफाइनल के करीब पहुंचा दिया है और पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
क्या पाकिस्तान अंतिम-4 में पहुंच पाएगा?
पाकिस्तान का अंतिम मुकाबला 28 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ है। इससे पहले, 27 फरवरी को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे। यदि न्यूजीलैंड इंग्लैंड से हारता है और पाकिस्तान श्रीलंका को हराता है, तो दोनों के पास 3 अंक होंगे। ऐसे में निर्णय नेट रन रेट पर होगा। पाकिस्तान को बड़ी जीत की आवश्यकता होगी और यह भी प्रार्थना करनी होगी कि न्यूजीलैंड भारी अंतर से हारे।
पाकिस्तान का सफर समाप्त?
यदि पाकिस्तान श्रीलंका से हार जाता है, तो उसका सफर समाप्त हो जाएगा। यदि न्यूजीलैंड इंग्लैंड को हरा देता है, तो पाकिस्तान बिना मुकाबला खेले ही बाहर हो जाएगा। वहीं, अगर इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड मैच बारिश से धुल जाता है, तब भी पाकिस्तान की जीत बेकार साबित होगी क्योंकि न्यूजीलैंड 4 अंकों तक पहुंच जाएगा।
सलमान अली आगा की टीम पर दबाव
सलमान अली आगा की कप्तानी में टीम को संयम और आक्रामकता दोनों दिखानी होंगी। बल्लेबाजों को तेज शुरुआत देनी होगी और गेंदबाजों को शुरुआती विकेट लेने होंगे। सेमीफाइनल की उम्मीद अब भी जीवित है, लेकिन हर रन और हर गेंद महत्वपूर्ण हो गई है। पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला केवल एक मैच नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।
