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डैमियन मार्टिन कोमा से बाहर, क्रिकेट जगत में राहत की लहर

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डैमियन मार्टिन की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है। वे कोमा से बाहर आ गए हैं और अब बोलने में सक्षम हैं। उनके पूर्व साथी एडम गिलक्रिस्ट ने इस खुशखबरी की पुष्टि की है। मार्टिन की बीमारी के कारण उनके प्रशंसक चिंतित थे, लेकिन अब उनके ठीक होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जानें उनके शानदार क्रिकेट करियर के बारे में और कैसे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को कई यादगार जीत दिलाई।
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डैमियन मार्टिन कोमा से बाहर, क्रिकेट जगत में राहत की लहर

डैमियन मार्टिन की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार


नई दिल्ली: क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक सुखद समाचार सामने आया है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डैमियन मार्टिन, जो मेनिनजाइटिस की गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे, अब कोमा से बाहर आ चुके हैं। वे अब बोलने में सक्षम हैं और उनका इलाज सकारात्मक दिशा में बढ़ रहा है। इस जानकारी को उनके पूर्व साथी एडम गिलक्रिस्ट ने साझा किया है।


डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को सुधारने के लिए उन्हें कोमा में रखा था, लेकिन अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। मार्टिन अब कोमा से बाहर आ चुके हैं और उनके शरीर ने भी अच्छा प्रतिक्रिया दी है।


बीमारी और अस्पताल में भर्ती

54 वर्षीय डैमियन मार्टिन को 27 दिसंबर को गोल्ड कोस्ट यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे बॉक्सिंग डे पर अचानक बीमार पड़ गए थे। डॉक्टरों ने उन्हें मेनिनजाइटिस का पता लगाया और उन्हें इंड्यूस्ड कोमा में डाल दिया। यह बीमारी दिमाग और रीढ़ की झिल्लियों में सूजन पैदा करती है, जो बेहद खतरनाक हो सकती है। वे एक हफ्ते से अधिक समय तक कोमा में रहे, जिससे उनके प्रशंसक और साथी चिंतित थे।


सकारात्मक अपडेट

एडम गिलक्रिस्ट ने बताया कि मार्टिन अब कोमा से बाहर हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं। परिवार के लिए यह बदलाव एक चमत्कार जैसा प्रतीत हो रहा है। उन्हें जल्द ही आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया जा सकता है। मार्टिन की पार्टनर अमांडा ने भी कहा कि वे इलाज में अच्छी प्रगति कर रहे हैं और अस्पताल की टीम को धन्यवाद दिया। परिवार ने सभी लोगों की दुआओं और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है।


मार्टिन का शानदार क्रिकेट करियर

डैमियन मार्टिन ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट की सुनहरी पीढ़ी के एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 1992 से 2006 तक 67 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 4406 रन बनाए और उनकी औसत 46.37 रही। इस दौरान उन्होंने 13 शतक भी लगाए। वनडे में, उन्होंने 208 मैचों में 5346 रन बनाकर एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनकी खूबसूरत बल्लेबाजी को सभी ने सराहा है।


2003 विश्व कप फाइनल में भारत के खिलाफ नाबाद 88 रनों की पारी और 2004 में भारत दौरे पर सीरीज जीत में उनकी अहम भूमिका ने ऑस्ट्रेलिया को कई यादगार जीत दिलाई। क्रिकेट जगत मार्टिन की जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। उनकी वापसी सच में प्रेरणादायक है।