ध्रुव जुरेल का विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन
राजकोट में जुरेल का शतक
राजकोट के सनोसारा क्रिकेट ग्राउंड पर बंगाल के खिलाफ 270 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश को शुरुआती झटका लगा, लेकिन इसके बाद ध्रुव जुरेल ने शानदार बल्लेबाज़ी की। दूसरे ओवर में क्रीज़ पर आए जुरेल ने आक्रामक लेकिन नियंत्रित खेल दिखाया।
उन्होंने 96 गेंदों में 123 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और पांच छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 128 से ऊपर रहा, लेकिन उन्होंने जोखिम और ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखा। इस पारी ने न केवल लक्ष्य को आसान बनाया, बल्कि मैच की दिशा भी बदल दी।
साझेदारियों से बना चेज़ का मजबूत ढांचा
जुरेल की पारी की खासियत केवल रन नहीं, बल्कि साझेदारियां भी थीं। आर्यन जुयाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 132 रनों की साझेदारी ने उत्तर प्रदेश को पूरी तरह से नियंत्रण में ला दिया। इसके बाद प्रियम गर्ग और रिंकू सिंह के साथ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण योगदान जुड़े, जिससे रन रेट पर दबाव नहीं आया।
जुरेल का आउट होना दुर्भाग्यपूर्ण रन-आउट था, लेकिन तब तक जीत लगभग तय हो चुकी थी। यह दर्शाता है कि वह केवल व्यक्तिगत आंकड़ों पर नहीं, बल्कि टीम की जरूरतों के अनुसार बल्लेबाज़ी कर रहे हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में बेमिसाल निरंतरता
वर्तमान विजय हजारे ट्रॉफी सीज़न में जुरेल की निरंतरता उन्हें अन्य बल्लेबाज़ों से अलग बनाती है। सात मैचों में 558 रन, औसत 90 से अधिक और दो शतक व चार अर्धशतक, ये आंकड़े केवल फॉर्म नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती की कहानी कहते हैं।
बड़ौदा के खिलाफ नाबाद 160 रन से लेकर बंगाल के खिलाफ शतक तक, जुरेल ने हर परिस्थिति में खुद को साबित किया है। पिछले सात लिस्ट ए मैचों में छह बार 50 से अधिक का स्कोर उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है।
चयन संदेश और भविष्य की तस्वीर
आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले जुरेल पहले ही बड़े मंच का अनुभव रखते हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में यह दौर उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश को एलीट ग्रुप बी पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचाने में उनकी बल्लेबाज़ी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
न्यूजीलैंड वनडे सीरीज़ से बाहर किए जाने के बाद उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि जुरेल अब केवल संभावनाओं वाले खिलाड़ी नहीं रहे, बल्कि एक निरंतर मैच जिताने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं। यदि यही लय बनी रही, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी एंट्री को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।

