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प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय एथलेटिक्स की नई ऊंचाइयों पर की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम 'मन की बात' में भारतीय एथलेटिक्स की नई उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने हाल ही में झारखंड में आयोजित नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। विशेष रूप से 100 मीटर दौड़ में रिकॉर्ड तोड़ने की घटनाओं ने खेल प्रेमियों का ध्यान खींचा। मोदी ने खिलाड़ियों के संघर्ष और प्रेरणादायक यात्रा को साझा किया, जिससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिली।
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प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय एथलेटिक्स की नई ऊंचाइयों पर की चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम 'मन की बात' में भारतीय एथलेटिक्स की नई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। हाल के समय में भारतीय धावकों द्वारा स्थापित राष्ट्रीय रिकॉर्ड ने खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। विशेष रूप से 100 मीटर दौड़ में रिकॉर्ड तोड़ने की गति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय एथलेटिक्स एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री ने युवा खिलाड़ियों की सराहना की और उनकी प्रेरणादायक यात्रा को साझा किया।


नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल ही में झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में लगभग 800 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में चार विभिन्न स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे। गुरिंदरवीर सिंह, अनिमेष कुजूर, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार जैसे खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दिलाई।


100 मीटर दौड़ की विशेष चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड महज दो दिनों में तीन बार टूटा, जो भारतीय खेल इतिहास में एक अद्वितीय उपलब्धि है। गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह रिकॉर्ड अपने नाम किया और देशभर में चर्चा का विषय बने।


खिलाड़ियों के साथ संवाद

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने दोनों एथलीटों से बातचीत की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जैसे संगीत में जुगलबंदी होती है, वैसे ही अब खेलों में भी रिकॉर्ड तोड़ने की जुगलबंदी देखने को मिल रही है। पीएम ने दोनों खिलाड़ियों के संघर्ष और उपलब्धियों को देश के सामने लाने की इच्छा व्यक्त की।


अनिमेष कुजूर का सफर

बातचीत के दौरान, अनिमेष कुजूर ने अपने खेल जीवन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ से हैं और वर्तमान में ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हैं। अनिमेष ने बताया कि शुरुआत में वह फुटबॉल खेलते थे, लेकिन कोविड काल के दौरान दौड़ने की आदत ने उन्हें एथलेटिक्स की ओर आकर्षित किया।


दोस्तों के कहने पर उन्होंने एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया, जहां से उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। आज वही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुका है।