प्रिंस यादव: आईपीएल में उभरता सितारा और संघर्ष की कहानी
नई दिल्ली में प्रिंस यादव का उदय
नई दिल्ली, 22 अप्रैल। आईपीएल का मंच अक्सर अनजान खिलाड़ियों को रातों-रात सितारा बना देता है, और इस बार यह जादू प्रिंस यादव के साथ हो रहा है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपनी शानदार गेंदबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। नजफगढ़ के नजदीक दरियापुर खुर्द के छोटे से गांव से आने वाले प्रिंस ने कभी दिल्ली पुलिस में भर्ती होने का सपना देखा था। परीक्षा में असफल होने के बाद, उन्होंने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया और अब आईपीएल के बड़े मंच पर अपनी पहचान बना ली है।
भुवनेश्वर कुमार की याद दिलाने वाला प्रदर्शन
भुवनेश्वर कुमार की याद दिला दी
प्रिंस यादव की असली ताकत उनकी इकॉनमी रेट और दबाव में शांत रहने की क्षमता है। पंजाब किंग्स के खिलाफ एक मैच में जब पंजाब ने 20 ओवर में 254 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, तब लखनऊ के लगभग सभी गेंदबाजों की धुनाई हुई। लेकिन उस 'रन-वर्षा' के बीच भी प्रिंस यादव ने केवल 6.25 की इकॉनमी से गेंदबाजी की। उनका यह प्रदर्शन साल 2013 के उस मैच की याद दिलाता है जब आरसीबी ने पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 263 रन बनाए थे और अकेले भुवनेश्वर कुमार ने रन रोके थे। प्रिंस ने इस सीजन में आरसीबी के खिलाफ 32 रन देकर 3 विकेट लेकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
30 लाख का कॉन्ट्रैक्ट और ट्रेविस हेड का पहला विकेट
30 लाख का कॉन्ट्रैक्ट और ट्रेविस हेड का पहला विकेट
लखनऊ सुपर जायंट्स ने प्रिंस यादव की प्रतिभा को परखने में कोई जल्दबाजी नहीं की। पहले उन्हें एक नेट बॉलर के रूप में शामिल किया गया और फिर आईपीएल 2025 में 30 लाख रुपये के मामूली कॉन्ट्रैक्ट पर टीम में शामिल किया गया। प्रिंस ने अपने आईपीएल करियर का पहला विकेट 'पॉवर हिटर' ट्रेविस हेड का लिया, जिसने उन्हें जबरदस्त आत्मविश्वास दिया। आज स्थिति यह है कि विदेशी कोच भी उनकी स्विंग और सटीकता के कायल हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि लखनऊ ने जितने पैसे उन पर खर्च किए हैं, प्रिंस ने उससे कहीं ज्यादा का प्रदर्शन करके दे दिया है।
संघर्षों से भरा सफर
संघर्षों की भट्टी में तपकर निकले प्रिंस यादव
प्रिंस यादव का यहाँ तक पहुँचने का सफर आसान नहीं रहा। उम्र की गलत रिपोर्टिंग के आरोप में उन पर 2 साल का प्रतिबंध लगा, जिससे उनके करियर पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। लेकिन प्रिंस ने हिम्मत नहीं हारी। बिना किसी बड़े कोच के मार्गदर्शन के उन्होंने खुद को तैयार किया और आज वे लगातार 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक रहे हैं। दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में शानदार प्रदर्शन ने उनके लिए आईपीएल के दरवाजे खोले। अब आईपीएल 2026 की सफलता उन्हें जल्द ही भारतीय टी20 टीम की नीली जर्सी तक ले जा सकती है।
