भारत की T20 विश्व कप में साउथ अफ्रीका से हार ने बढ़ाई मुश्किलें
भारत की ग्रुप स्टेज में शानदार शुरुआत
नई दिल्ली: भारत ने ग्रुप स्टेज में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सभी चार मैच जीते थे, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा जीत भी शामिल थी। सुपर 8 में वह अपने ग्रुप की शीर्ष टीम बनकर आई थी, लेकिन रविवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ उसे 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार का प्रभाव
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय बल्लेबाज प्रोटियाज गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए। कोई भी बल्लेबाज प्रभाव छोड़ने में असफल रहा। इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावनाएं अब काफी जटिल हो गई हैं। भारत के अगले दो मुकाबले वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ हैं। यदि भारत इन मैचों को जीत भी लेता है, तो उसकी आगे की राह अन्य टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
साउथ अफ्रीका से हार का बड़ा असर
भारत के लिए साउथ अफ्रीका से हार क्यों है बड़ा झटका
हालांकि साउथ अफ्रीका के पास अभी भी दो मैच बाकी हैं, लेकिन इस जीत ने उनके आत्मविश्वास को काफी बढ़ा दिया है। इस जीत के बाद, उनकी सेमीफाइनल में क्वालिफिकेशन की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। वहीं, भारत की स्थिति प्वाइंट्स टेबल में सबसे खराब हो गई है, और उसका नेट रन रेट -3.800 पर पहुंच गया है, जो चिंता का विषय है।
टॉप दो स्लॉट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा
टॉप दो स्लॉट के लिए मुकाबला बहुत कड़ा
सुपर 8 में भारत के ग्रुप में टॉप दो स्लॉट के लिए मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक होगा। यदि भारत अपने अगले दो मैचों में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे को हराता है, तो उसके चार अंक हो जाएंगे। साउथ अफ्रीका भी चार अंक के साथ समाप्त कर सकता है, भले ही वह एक मैच हार जाए। इस स्थिति में, वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे में से कोई एक भी चार अंकों के साथ सुपर 8 खत्म कर सकता है, जिससे टॉप दो स्लॉट के लिए तीन टीमों के बीच टाई हो जाएगा।
भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना क्यों है मुश्किल?
भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना क्यों है मुश्किल?
यदि तीन टीमों के चार अंक होते हैं, तो निर्णय नेट रन रेट (एनएनआर) के आधार पर होगा। यहां पर भारत ने प्रोटियाज के खिलाफ एक महत्वपूर्ण गलती की। यदि टीम को लगता था कि वह बाहर हो चुकी है, तब भी उसे पूरे ओवर खेलने की कोशिश करनी चाहिए थी। उसे साउथ अफ्रीका के स्कोर के करीब पहुंचने का प्रयास करना चाहिए था। लेकिन टीम की 'या तो सब करो या कुछ नहीं' रणनीति ने उसे 76 रनों की हार के साथ एक खराब एनआरआर दिया।
