भारत-बांग्लादेश अंडर-19 मैच में टॉस के दौरान असहजता: क्या है इसके पीछे का कारण?
अंडर-19 विश्व कप में तनावपूर्ण क्षण
स्पोर्ट्स : भारत और बांग्लादेश के बीच अंडर-19 विश्व कप के सातवें मैच में एक असामान्य स्थिति उत्पन्न हुई। यह मैच 17 जनवरी को जिम्बाब्वे के बुलावायो में क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया। इस दौरान भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और बांग्लादेश के कार्यवाहक कप्तान जवाद अबरार के बीच कोई औपचारिक अभिवादन नहीं हुआ। टॉस के समय दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के पास से गुजरे, लेकिन न तो हाथ मिलाया गया और न ही कोई बातचीत हुई।
उपकप्तान की भूमिका में जवाद अबरार
कप्तान की अनुपस्थिति में उतरे उपकप्तान
बांग्लादेश के नियमित कप्तान मोहम्मद अजीजुल हकीम तमीम की तबीयत खराब होने के कारण वह टॉस के लिए नहीं आ सके। उनकी जगह उपकप्तान जवाद अबरार ने जिम्मेदारी संभाली। बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान दोनों कप्तानों के बीच की दूरी स्पष्ट थी।
राष्ट्रगान के समय भी तनाव
राष्ट्रगान से पहले भी नहीं बदला रवैया
मैच से पहले जब दोनों टीमें राष्ट्रगान के लिए एकत्र हुईं, तब भी खिलाड़ियों के बीच कोई सामान्य मेलजोल नहीं दिखा। मैदान में प्रवेश करते समय भी दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे से नजरें चुराते हुए आगे बढ़ते दिखे, जिससे पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया।
राजनीतिक तनाव का खेल पर प्रभाव
राजनीतिक तनाव का असर खेल पर
इस व्यवहार को हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक तनाव से जोड़ा जा रहा है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा अनुबंधित किया गया, जिसके खिलाफ भारत में बड़े पैमाने पर विरोध हुआ।
बीसीसीआई की सलाह और बांग्लादेश की प्रतिक्रिया
बीसीसीआई की सलाह और बांग्लादेश की प्रतिक्रिया
जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने केकेआर को मुस्तफिजुर को टीम से रिलीज करने की सलाह दी। इसके बाद बांग्लादेश ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और भारत में होने वाले टी20 विश्व कप 2026 के लिए यात्रा न करने की धमकी दी। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच किसी तटस्थ स्थान पर कराने की मांग की।
टी20 वर्ल्ड कप में गतिरोध
टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बढ़ा गतिरोध
इस मुद्दे पर बीसीसीआई और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच मतभेद बढ़ते गए। दोनों बोर्डों के बीच सहमति न बनने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को हस्तक्षेप करना पड़ा। आईसीसी अब बांग्लादेश की भागीदारी और मैचों के आयोजन स्थल को लेकर समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
आईसीसी प्रतिनिधिमंडल का दौरा
आईसीसी प्रतिनिधिमंडल का संभावित दौरा
बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नज्रुल ने पुष्टि की है कि आईसीसी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही बांग्लादेश का दौरा करेगा। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश विश्व कप में खेलने के लिए इच्छुक है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का रुख स्पष्ट है कि टीम केवल श्रीलंका में अपने मैच खेलने के लिए तैयार है।
मैदान पर तनाव का असर
मैदान के बाहर का विवाद, मैदान पर दिखा असर
अंडर-19 मैच के दौरान हाथ न मिलाने की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि दोनों देशों के बीच चल रहा कूटनीतिक और क्रिकेट प्रशासनिक तनाव अब खेल के मैदान तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में आईसीसी की भूमिका इस विवाद को सुलझाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
