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भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की मटन प्रेम की कहानी

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की मटन के प्रति दीवानगी उनके खेल जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शमी का मानना है कि मटन उनके लिए आवश्यक है, और उनके करीबी दोस्त उमेश कुमार ने इस बात का खुलासा किया है कि शमी मटन के बिना भोजन को अधूरा मानते हैं। जानें कैसे उनकी डाइट उनके प्रदर्शन को प्रभावित करती है और उनकी वापसी की कहानी क्या है।
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भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की मटन प्रेम की कहानी

भारतीय क्रिकेटरों की डाइट

क्रिकेट और अन्य पेशेवर खेलों में एथलीट अपनी फिटनेस, सहनशक्ति और रिकवरी पर ध्यान देते हैं। इस प्रक्रिया में डाइट का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कुछ खिलाड़ी शाकाहारी आहार का पालन करते हैं, जबकि अन्य उच्च प्रोटीन वाले मांसाहारी भोजन को अपनी ताकत मानते हैं।


मटन के प्रति मोहम्मद शमी का प्रेम

इस संदर्भ में, भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। शमी अपनी तेज गेंदबाजी और महत्वपूर्ण मैचों में विकेट लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनकी खाने की पसंद भी चर्चा का विषय बन चुकी है।


शमी की डाइट का खुलासा

शमी के करीबी दोस्त उमेश कुमार ने उनके खाने की आदतों का खुलासा किया। एक इंटरव्यू में उमेश ने बताया कि शमी मटन के बिना भोजन को अधूरा मानते हैं। उनके अनुसार, शमी कई चीजों से समझौता कर सकते हैं, लेकिन मटन छोड़ना उनके लिए कठिन है।


मज़ाक में छिपा सच

उमेश ने मजाक में कहा कि शमी को रोजाना लगभग एक किलो मटन की आवश्यकता होती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मटन नहीं मिले, तो शमी की गेंदबाजी की गति प्रभावित हो सकती है। यह बात भले ही मजाक में कही गई हो, लेकिन यह दर्शाती है कि शमी अपनी डाइट को कितना महत्व देते हैं।


चोट और वापसी की कहानी

मार्च 2025 के बाद से शमी टीम इंडिया से बाहर हैं। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल था, जहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, उन्हें घरेलू क्रिकेट में अपनी फॉर्म साबित करने के बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं चुना गया।