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युवराज सिंह ने धोनी और कपिल देव के प्रति सम्मान जताया, विवाद पर तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपने पिता के विवादास्पद बयानों पर माफी मांगी है। उन्होंने एमएस धोनी और कपिल देव के प्रति अपने सम्मान का इजहार किया है। युवराज ने कहा कि वह अपने पिता की टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं और उनके विचार अलग हो सकते हैं। इस खुलासे ने क्रिकेट जगत में नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और युवराज के विचार।
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युवराज सिंह ने धोनी और कपिल देव के प्रति सम्मान जताया, विवाद पर तोड़ी चुप्पी

युवराज सिंह का विवादास्पद बयान


भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से चल रहे विवाद पर पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने अपने पिता के विवादास्पद बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और एमएस धोनी तथा कपिल देव के प्रति अपने सम्मान का इजहार किया। यह पहली बार है जब युवराज ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है, जिससे क्रिकेट जगत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।


पिता के बयानों से उपजा विवाद

युवराज के पिता योगराज सिंह अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने पहले धोनी और फिर कपिल देव पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनके एक इंटरव्यू में दिए गए बयान काफी विवादास्पद रहे, जिसमें उन्होंने अपने करियर से जुड़े पुराने गिले-शिकवे उजागर किए थे। इन बयानों ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी थी।


युवराज का खेद

युवराज सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अपने पिता की टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने धोनी और कपिल देव से माफी मांगते हुए कहा कि उनके मन में दोनों खिलाड़ियों के लिए हमेशा सम्मान रहा है। युवराज ने यह भी बताया कि परिवार के विचार और उनके अपने विचार अलग हो सकते हैं।


धोनी के साथ संबंधों पर स्पष्टता

युवराज ने अपने करियर के अंतिम चरण को याद करते हुए बताया कि 2017 में धोनी ने उन्हें स्पष्ट कर दिया था कि चयनकर्ता अब उन्हें टीम में नहीं देख रहे हैं। इस बातचीत ने उन्हें वास्तविकता समझने में मदद की। इसके बाद उन्होंने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय लिया।


चयन विवाद पर खुलासा

हाल ही में पूर्व चयनकर्ता संदीप पाटिल ने भी यह स्पष्ट किया कि धोनी ने कभी युवराज को टीम से बाहर करने की मांग नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह चयनकर्ताओं का सामूहिक निर्णय था। इस खुलासे के बाद कई पुराने विवादों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।