रजत पाटीदार: आईपीएल 2026 में कप्तानी से मिली नई पहचान
रजत पाटीदार की कप्तानी में RCB का सफर
आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने Qualifiers-1 में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उन्होंने सभी का दिल जीत लिया। उनकी इस अद्भुत पारी के चलते RCB अब फाइनल में पहुंच गई है और अपने दूसरे खिताब के करीब है। आज रजत को कई लोग सराह रहे हैं, लेकिन कुछ साल पहले उन्होंने एक ऐसा निर्णय लिया था जिसने सभी को भावुक कर दिया। आईपीएल मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहने के बाद रजत ने शादी का निर्णय लिया, लेकिन एक फोन कॉल ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। इस फैसले ने न केवल आईपीएल का इतिहास बदला, बल्कि भारतीय क्रिकेट में भी हलचल मचा दी।
अनसोल्ड होने के बाद करियर में बदलाव
2022 के मेगा ऑक्शन में रजत पाटीदार को किसी टीम ने नहीं खरीदा, जो उनके लिए एक बड़ा झटका था। आरसीबी ने भी उन्हें रिलीज कर दिया था। क्रिकेट से थोड़ी दूरी बनाकर, उन्होंने परिवार की इच्छा के अनुसार शादी के लिए हां कर दी थी। इंदौर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, तारीख तय हो चुकी थी, कार्ड बंट चुके थे और होटल भी बुक हो चुका था। परिवार खुश था और रजत नई जिंदगी की शुरुआत के लिए तैयार थे, लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था।
एक फोन कॉल ने बदल दी दिशा
शादी से पहले आरसीबी से रजत को एक फोन आया। टीम के खिलाड़ी लवनीत सिसोदिया चोटिल हो गए थे और फ्रेंचाइजी को उनके स्थान पर किसी की जरूरत थी। आरसीबी ने रजत को फिर से टीम में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। उस समय उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था, शादी या क्रिकेट। रजत ने बिना किसी संकोच के क्रिकेट को चुना और शादी को टालने का निर्णय लिया। उनके परिवार ने भी उनके इस फैसले का समर्थन किया। यही वह क्षण था जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।
एलिमिनेटर में ऐतिहासिक पारी
आरसीबी में वापसी के बाद, रजत पाटीदार ने खुद को साबित करने में देर नहीं लगाई। आईपीएल 2022 के एलिमिनेटर में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ नाबाद 112 रन बनाकर इतिहास रच दिया। वह आईपीएल प्लेऑफ में शतक लगाने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बने। उनकी इस पारी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इसके बाद आरसीबी ने उन पर लगातार भरोसा बनाए रखा।
अब दूसरी ट्रॉफी के करीब
आज रजत पाटीदार आरसीबी के कप्तान हैं और उन्होंने टीम को लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा दिया है। आईपीएल 2026 में उनके बल्ले से 486 रन बन चुके हैं और उन्होंने कई मैचों में टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला है। उनकी कप्तानी की भी प्रशंसा हो रही है। फैंस के बीच रजत अब केवल एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बन चुके हैं।
