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रिंकू सिंह ने पिता का अधूरा सपना पूरा किया, भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीता

टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता। इस जीत के पीछे रिंकू सिंह का संघर्ष है, जिन्होंने हाल ही में अपने पिता को खोया। रिंकू ने अपने पिता का अधूरा सपना पूरा किया, जो इस जीत के समय उनके साथ नहीं थे। जानिए कैसे रिंकू ने अपने परिवार का सहारा बनते हुए अपने देश के लिए खेला और इस महत्वपूर्ण पल को अपने पिता को समर्पित किया।
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रिंकू सिंह ने पिता का अधूरा सपना पूरा किया, भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीता

टीम इंडिया की शानदार जीत

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया है। इस जीत का जश्न मनाने के लिए फैंस और खिलाड़ी सभी उत्साहित हैं। लेकिन, टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह इस खुशी के पल में थोड़े उदास हैं, क्योंकि उन्होंने हाल ही में अपने पिता को खो दिया है। अगर उनके पिता खानचंद सिंह जीवित होते, तो उनकी इस जीत की खुशी और भी बढ़ जाती।


पिता का निधन और रिंकू का संघर्ष

जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के बाद हुआ निधन

रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन 27 फरवरी को 57 वर्ष की आयु में स्टेज 4 लिवर कैंसर से हुआ। भारत का जिम्बाब्वे के साथ सुपर 8 का मैच 26 फरवरी को खेला गया था। इससे पहले ही रिंकू के पिता की तबियत बिगड़ गई थी।

इस कठिन समय में, रिंकू अपने परिवार के पास पहुंचे। उनके पिता नोएडा के अस्पताल में भर्ती थे। हालांकि, रिंकू ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले टीम के साथ जुड़ने का निर्णय लिया। लेकिन अगले दिन, जब खानचंद सिंह के निधन की खबर आई, तो रिंकू तुरंत घर लौट आए। उन्होंने अपने परिवार का सहारा बनने का निर्णय लिया।


रिंकू का सपना और पिता की याद

अपने पिता का अधूरा सपना पूरा किया

रिंकू सिंह 2024 में भारत के वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा नहीं थे और केवल ट्रेवलिंग रिजर्व के रूप में टीम के साथ थे। उस समय उन्होंने वर्ल्ड कप जीतने का अनुभव किया, लेकिन आधिकारिक तौर पर वह चैंपियन नहीं बने। इस बार, रिंकू ने न केवल खेला बल्कि अपने और अपने पिता के सपने को पूरा किया। यह सच है कि खानचंद सिंह अगर जीवित होते, तो अपने बेटे पर गर्व महसूस करते। रिंकू विश्व विजेता बनने के बाद अपने पिता को और भी ज्यादा याद कर रहे होंगे।