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विनेश फोगाट की हार पर उठे सवाल, एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में मिली निराशा

भारतीय कुश्ती की स्टार विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में हार के बाद सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और ऐसा लगा कि पूरा तंत्र उनके खिलाफ था। इस हार के बाद भी उनका संघर्ष जारी है, और वह अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संकल्प ले चुकी हैं। जानें इस विवादास्पद ट्रायल्स के बारे में और विनेश की भावनाएं।
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विनेश फोगाट की हार पर उठे सवाल, एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में मिली निराशा

विनेश फोगाट की हार और उसके बाद की प्रतिक्रिया


भारतीय कुश्ती की प्रमुख खिलाड़ी विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में हार का सामना किया। 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से मिली हार के बाद उन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल उठाए। विनेश ने कहा कि उन्हें ट्रायल्स के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और ऐसा लगा कि पूरा तंत्र उनके खिलाफ था।


हार के बाद विनेश का दर्द

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुए ट्रायल्स में विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत के खिलाफ 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ उनका एशियन गेम्स 2026 में खेलने का सपना चुराया गया। मुकाबले के बाद विनेश ने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ी और पूरी मेहनत के साथ मुकाबला किया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने ईमानदारी से खेला।


WFI पर गंभीर आरोप

हार के बाद विनेश ने भारतीय कुश्ती महासंघ पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें सुबह से लेकर शाम तक हर स्तर पर संघर्ष करना पड़ा। हर अंक के लिए उन्हें लड़ाई करनी पड़ी। विनेश ने कहा कि देश ने सब कुछ देखा है और उन्हें कुछ और कहने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, लंबे समय से जो हालात बने हुए हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा सिस्टम एक तरफ था, जबकि खिलाड़ी दूसरी तरफ अपनी लड़ाई लड़ रहे थे।


कोर्ट से मैट तक का संघर्ष

यह ट्रायल विनेश के लिए केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि पिछले कई महीनों से चल रहे विवाद का हिस्सा भी था। ट्रायल्स में भाग लेने के लिए उन्हें कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, जो अदालत तक पहुंची। इसके बाद उन्हें चयन प्रक्रिया में भाग लेने का मौका मिला। बताया गया कि स्टेडियम पहुंचने के बावजूद उन्हें वजन मापने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।


हार के बावजूद विनेश का संघर्ष जारी

मुकाबला हारने के बाद भी विनेश फोगाट के तेवर नरम नहीं पड़े। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह संघर्ष यहीं खत्म नहीं होगा। उनका मानना है कि खिलाड़ी की लड़ाई केवल मैट तक सीमित नहीं होती, बल्कि कई बार उसे व्यवस्था से भी जूझना पड़ता है। विनेश ने संकेत दिया कि वह भविष्य में भी अपने अधिकारों और खिलाड़ियों के हितों के लिए आवाज उठाती रहेंगी।