वीवीएस लक्ष्मण को BCCI ने सौंपी नई जिम्मेदारी, टेस्ट बल्लेबाजों के लिए करेंगे मार्गदर्शन
टीम इंडिया की टेस्ट टीम में सुधार की आवश्यकता
टीम इंडिया: भारत का टेस्ट प्रदर्शन पिछले डेढ़ साल में संतोषजनक नहीं रहा है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में सीरीज जीतने में असफल रहने के साथ-साथ, घर में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी।
वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका
भारत के टेस्ट फॉर्मेट में निराशाजनक प्रदर्शन के चलते हेड कोच गौतम गंभीर पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशंसकों का मानना है कि उन्हें हटाकर किसी और को कोच बनाना चाहिए। इस स्थिति में, बीसीसीआई ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है।
वीवीएस लक्ष्मण की मदद से सुधार की उम्मीद
पिछले एक साल में घरेलू टेस्ट सीरीज में हार के कारण भारतीय बल्लेबाजों की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। इसी कारण बीसीसीआई पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण की मदद लेने की योजना बना रहा है। वर्तमान में लक्ष्मण बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं।
हाल ही में यह भी खबरें आई थीं कि बीसीसीआई ने लक्ष्मण से टेस्ट टीम के हेड कोच पद के लिए संपर्क किया था, लेकिन सचिव देवजीत सैकिया ने इसे गलत बताया और कहा कि गंभीर 2027 तक कोच बने रहेंगे।
लक्ष्मण का योगदान
टेस्ट कैंप में लक्ष्मण की भूमिका
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई टीम इंडिया के टेस्ट कैंप के आयोजन में लक्ष्मण की मदद ले सकता है। भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने सुझाव दिया है कि टेस्ट सीरीज से पहले 15 दिन का कैंप आयोजित किया जाना चाहिए। इस स्थिति में, हेड कोच गौतम गंभीर के व्यस्त कार्यक्रम के कारण लक्ष्मण की मदद ली जा सकती है।
बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार,
“गंभीर टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले व्हाइट-बॉल टीमों के साथ व्यस्त हो सकते हैं। इसलिए, रेड-बॉल कैंप आयोजित करने के लिए वीवीएस लक्ष्मण की सेवाएं ली जा सकती हैं।”
2026 का टेस्ट शेड्यूल
भारत का टेस्ट कार्यक्रम
इस वर्ष जून में भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट खेलना है। इसके बाद, अगस्त में श्रीलंका का दौरा होगा, जिसमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत 2 टेस्ट होंगे। अक्टूबर-नवंबर में न्यूजीलैंड का दौरा भी है, जिसमें 2 टेस्ट खेले जाएंगे। इस प्रकार, भारत को इस साल केवल 5 टेस्ट खेलने हैं।
श्रीलंका और न्यूजीलैंड का दौरा भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इन दोनों दौरों में टीम को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। यह गौतम गंभीर के लिए भी एक कठिन परीक्षा होगी।
