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शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता

भारतीय क्रिकेट के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक हिंदू विधवा के साथ हुई बर्बरता की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पीड़िता को गंभीर चोटें आईं। धवन ने इस तरह की हिंसा को अस्वीकार्य बताया और पीड़िता के लिए न्याय की प्रार्थना की। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे वहां के लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
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शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता

शिखर धवन की चिंता

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के पूर्व ओपनर शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से एक हिंदू विधवा के साथ हुई बर्बरता के मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

धवन ने लिखा, "बांग्लादेश में एक हिंदू विधवा पर हुए क्रूर हमले की खबर पढ़कर मेरा दिल टूट गया। किसी भी स्थान पर इस तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं प्रार्थना करता हूं कि पीड़िता को न्याय और सहायता मिले।" यह बयान उस समय आया है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।


बांग्लादेश में हिंदूओं के खिलाफ बर्बरता

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के प्रारंभिक दिनों तक कम से कम छह हिंदू पुरुषों की हत्या की जा चुकी है। इन पीड़ितों में व्यापारी, दुकानदार और सामान्य नागरिक शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न तरीकों से निशाना बनाया गया।
सबसे चौंकाने वाली घटना झेनैदाह जिले के कालिगंज क्षेत्र में हुई, जहां एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा के साथ दो व्यक्तियों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता को पेड़ से बांधकर उसके बाल काट दिए गए और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।


हिंदू समुदाय में असुरक्षा का माहौल

स्थानीय निवासियों ने गंभीर स्थिति में महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस मामले ने हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।

बांग्लादेश में चुनावी माहौल और राजनीतिक अस्थिरता के बीच अल्पसंख्यकों पर हमलों में वृद्धि देखी जा रही है। कई घरों में आगजनी और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन घटनाओं की निंदा की जा रही है, और भारत सरकार ने भी इन मामलों में न्याय की मांग की है।