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शुभमन गिल के टी20 वर्ल्ड कप चयन पर रिकी पोंटिंग की हैरानी

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने भारत के टी20 वर्ल्ड कप चयन में शुभमन गिल के बाहर होने पर हैरानी जताई है। गिल का हालिया प्रदर्शन और चयनकर्ताओं का दृष्टिकोण इस निर्णय के पीछे के कारणों को उजागर करते हैं। जानें कि कैसे गिल का टेस्ट फॉर्म और टी20 में संघर्ष ने इस निर्णय को प्रभावित किया। क्या भारतीय क्रिकेट में गहराई की कमी है? इस लेख में जानें।
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शुभमन गिल के टी20 वर्ल्ड कप चयन पर रिकी पोंटिंग की हैरानी

शुभमन गिल के चयन पर रिकी पोंटिंग की प्रतिक्रिया

शुभमन गिल के टी20 वर्ल्ड कप चयन पर रिकी पोंटिंग की हैरानी

रिकी पोंटिंग ने भारत के टी20 वर्ल्ड कप चयन पर जताई हैरानी: भारतीय क्रिकेट में चयन को लेकर चर्चा हमेशा होती रहती है, लेकिन इस बार मामला खास है क्योंकि यह भारत के एक प्रमुख बल्लेबाज शुभमन गिल से जुड़ा है।


गिल का चयन और पोंटिंग की प्रतिक्रिया

जब गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और एशिया कप में टी20 टीम में वापसी की, तब किसी ने नहीं सोचा था कि वह टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर हो जाएंगे। इस निर्णय ने न केवल प्रशंसकों को बल्कि क्रिकेट के दिग्गजों को भी चौंका दिया है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने इस पर अपनी हैरानी व्यक्त की है।


पोंटिंग की चिंता और भारतीय टीम की गहराई

पोंटिंग ने ICC रिव्यू में कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि गिल जैसे खिलाड़ी को वर्ल्ड कप टीम से बाहर किया गया है। उन्होंने यह भी माना कि गिल का हालिया फॉर्म उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, लेकिन उनका बाहर होना भारतीय क्रिकेट की गहराई को दर्शाता है। पोंटिंग के अनुसार, जब गिल जैसे खिलाड़ी को अंतिम 15 में जगह नहीं मिल रही, तो यह स्पष्ट है कि भारत के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है।


गिल का टेस्ट और टी20 फॉर्म

गिल का हालिया टेस्ट फॉर्म शानदार रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 754 रन बनाए और अपनी तकनीक और धैर्य का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। हालांकि, T20I में उनकी वापसी के बाद प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 2025 में खेले गए 15 T20I मैचों में गिल ने कोई अर्धशतक नहीं बनाया और उनका सर्वोच्च स्कोर 47 रन रहा।


चयनकर्ताओं का दृष्टिकोण

भारतीय चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने इस निर्णय को टीम के संतुलन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि गिल की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन टीम को जिस प्रकार के खिलाड़ियों की आवश्यकता थी, उसमें संतुलन बनाना जरूरी था।


सोशल मीडिया का दबाव

गिल के उप-कप्तान बनने के बाद से सोशल मीडिया पर उनके प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। जब संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, तब गिल के खराब स्कोर ने चयनकर्ताओं के लिए निर्णय को और कठिन बना दिया।