Newzfatafatlogo

सचिन तेंदुलकर ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम की आलोचना की

सचिन तेंदुलकर ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम की आलोचना करते हुए इसे समाप्त करने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि यह नियम खेल के संतुलन को बिगाड़ रहा है और गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। अन्य क्रिकेटरों जैसे रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी इस नियम पर चिंता जताई है। जानें इस नियम के बारे में और क्या है क्रिकेट की दुनिया में इसकी प्रतिक्रिया।
 | 
सचिन तेंदुलकर ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम की आलोचना की

सचिन तेंदुलकर की आलोचना


पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, जिन्हें क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है, ने 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस नियम को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, यह कहते हुए कि यह खेल के पारंपरिक संतुलन को प्रभावित कर रहा है और पहले से ही दबाव में गेंदबाजों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। तेंदुलकर ने कहा कि इस नियम के कारण क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच का मुकाबला असमान होता जा रहा है।


इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म करने की सलाह

एक कार्यक्रम में, सचिन ने कहा, 'मेरे विचार में, इम्पैक्ट प्लेयर नियम को समाप्त कर देना चाहिए। जब टी20 फॉर्मेट में केवल 20 ओवर होते हैं और आप प्लेइंग इलेवन में एक और बल्लेबाज जोड़ते हैं, तो यह उचित नहीं है। गेंदबाजों को पहले से ही इस फॉर्मेट में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और यह नियम खेल के संतुलन को पूरी तरह से बिगाड़ देता है।'


अन्य क्रिकेटरों की राय

सचिन से पहले, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे प्रमुख क्रिकेटरों ने भी इस नियम की आलोचना की है। रोहित ने स्पष्ट रूप से कहा था, 'मैं इसका बड़ा प्रशंसक नहीं हूं। यह नियम ऑलराउंडर्स के विकास में बाधा डाल रहा है। क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है, 12 का नहीं।' वहीं, विराट कोहली ने भी चिंता जताई थी कि इस नियम ने खेल के संतुलन को पूरी तरह से खराब कर दिया है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल और पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी इस नियम को खेल के कौशल में कमी का कारण बताया है।


इम्पैक्ट प्लेयर नियम की जानकारी

BCCI ने आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम की शुरुआत 2023 में की थी। इस नियम के तहत, मैच के दौरान टॉस के समय दिए गए 5 सब्सटिट्यूट खिलाड़ियों में से किसी एक को मैच के दौरान प्लेइंग इलेवन के किसी खिलाड़ी से बदला जा सकता है। जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा होता है, तो टीम उस खिलाड़ी के स्थान पर इम्पैक्ट प्लेयर को मैदान पर उतार देती है। यह बैटिंग और बॉलिंग दोनों क्षेत्रों में किया जा सकता है।