सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर संकट: क्या होगा भविष्य?
सूर्यकुमार यादव की स्थिति पर विचार
भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के भविष्य पर संकट के बादल छा गए हैं। उनकी कप्तानी के साथ-साथ उन्हें टीम से बाहर करने पर भी चर्चा हो रही है। 35 वर्षीय सूर्या लंबे समय से खराब फॉर्म का सामना कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति सूर्या की बल्लेबाजी क्षमता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। हालांकि, अंतिम निर्णय टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर द्वारा लिया जाएगा।
BCCI की चयन समिति की राय
BCCI के अंदर यह माना जा रहा है कि चयन समिति अब सूर्या को टीम से हटाने के पक्ष में है, लेकिन बोर्ड के उच्च अधिकारी यह भी मानते हैं कि कोच और कप्तान के बीच का तालमेल ड्रेसिंग रूम के माहौल के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में गंभीर का सूर्या के साथ सहज होना इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
IPL में सूर्या का प्रदर्शन
पिछले एक साल से सूर्या की टीम में जगह को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सभी पांच चयनकर्ताओं का मानना है कि मौजूदा टी20 कप्तान को प्लेइंग-XI से बाहर कर देना चाहिए। टी20 वर्ल्ड कप में मिली जीत के बाद से यह राय और मजबूत हुई है। सूत्रों के अनुसार, चयनकर्ताओं ने अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य को एक व्यापक दृष्टिकोण से देखने का निर्णय लिया है।
फॉर्म में सुधार की उम्मीद
BCCI के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा, 'शुरुआत में चयनकर्ताओं को लगा था कि IPL से सूर्या अपनी फॉर्म वापस पा लेंगे, जैसा कि पिछले सीजन में हुआ था, लेकिन उनके खेल में तकनीकी सुधार नहीं दिख रहा है।' सूत्र ने आगे कहा, 'यहां तक कि सबसे अनुभवहीन तेज गेंदबाज भी उन्हें चुनौती दे रहे हैं और चयनकर्ताओं को नहीं लगता कि वह लॉस एंजेलेस 2028 ओलंपिक में खेल पाएंगे।'
गंभीर का निर्णय
IPL 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए सूर्या ने 12 पारियों में केवल 210 रन बनाए हैं। सूत्र ने कहा, 'अगर कोई बल्लेबाज के रूप में अपनी जगह नहीं बना सकता, तो वह कप्तान कैसे बन सकता है? इसलिए उसे टीम में बनाए रखना मुश्किल है।' असली चुनौती यह है कि गंभीर केवल नाम के लिए हेड कोच नहीं हैं। उनके काम करने के तरीके से परिचित लोग बताते हैं कि उनकी टीम में अंतिम निर्णय अक्सर उनके हाथ में होता है। सूर्या के साथ उनके अच्छे रिश्ते को देखते हुए, यदि गंभीर ने सूर्या का समर्थन किया, तो चयन समिति को उस निर्णय को टालना पड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि गंभीर क्या निर्णय लेते हैं।
