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चंडीगढ़ में 85 सीएनजी बसों का किराया पर संचालन शुरू

चंडीगढ़ प्रशासन ने 85 सीएनजी बसों को किराए पर लेने का निर्णय लिया है, जिससे ट्राईसिटी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूती मिलेगी। इस कदम के पीछे केंद्र से नई इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी की प्रतीक्षा है। जानें इस योजना के बारे में और क्या बदलाव आने वाले हैं।
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चंडीगढ़ में 85 सीएनजी बसों का किराया पर संचालन शुरू

चंडीगढ़ में सीएनजी बसों का नया कदम

चंडीगढ़ सीएनजी बसें (Chandigarh CNG Buses): प्रशासन ने 85 सीएनजी बसों को किराए पर लेने का निर्णय लिया है। टेंडर की शर्तें निर्धारित कर दी गई हैं और परिवहन सचिव की स्वीकृति के बाद अगले महीने के पहले सप्ताह में टेंडर जारी किया जाएगा। ट्राईसिटी के स्थानीय रूट पर चलने वाली 100 बसों को 15 साल का कार्यकाल पूरा होने के कारण हटाया जा रहा है, जिसमें से 15 बसें दिसंबर में हटाई जाएंगी।


किराए पर ली जाने वाली बसों से पुरानी बसों का स्थान भरा जाएगा। केंद्र से 100 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति मांगी गई है। जब तक इन बसों की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक सीएनजी बसों का संचालन जारी रहेगा। वर्तमान में, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की पूरी जिम्मेदारी बस सेवा पर है, क्योंकि मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने समर्थन वापस ले लिया है।


किराए पर ली जाने वाली 85 बसों के लिए चालक और परिचालक भी उसी कंपनी से नियुक्त किए जाएंगे। इससे वर्तमान में कार्यरत चालक और परिचालकों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। टेंडर में चालक और परिचालकों के लिए डीसी रेट पर वेतन देने का प्रावधान है।


किराए पर बसें लेने का कारण


प्रशासन ने केंद्र से 100 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए स्वीकृति मांगी है। यदि स्वीकृति मिल भी जाती है, तो नई बसों की खरीद में समय लगेगा। इसलिए, 85 बसों को किराए पर लेने का अस्थायी प्रबंध किया जा रहा है। यदि ये बसें किराए पर नहीं ली जातीं, तो कई स्थानीय रूट बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


ज्ञात हो कि 5 जून को प्रशासन के अधिकारी 100 ई-बसों की खरीद के लिए केंद्र सरकार के पास गए थे। 15 नवंबर के बाद पुरानी 100 डीजल बसों को हटाना आवश्यक होगा, जिन्हें इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा।


दिसंबर तक 40 नॉन-एसी बसें भी आएंगी


पिछले महीने सीटीयू ने 40 नॉन-एसी बसों के लिए टेंडर जारी किया है, जो दिसंबर तक उपलब्ध होंगी। ये नई बसें दिल्ली समेत कई महत्वपूर्ण रूटों पर चलेंगी और इनमें आरामदायक सीटें और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं होंगी। हर बस में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम भी होगा, जिससे यात्रियों को बसों की वास्तविक समय की जानकारी मिलेगी।


सीटीयू ने जनवरी में 60 एसी बसें शुरू की हैं, जो चंडीगढ़ से दिल्ली, सिरसा, नारनौल, रोहतक, तलवंडी साबो, शिमला, अमृतसर, लुधियाना, और ज्वाला जी रूट पर चल रही हैं।


मेट्रो चलाने के लिए फंड की कमी


वर्तमान में, शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बसों पर निर्भर है। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के पास फंड की कमी है और केंद्र सरकार का भी इस प्रोजेक्ट के लिए कोई विशेष समर्थन नहीं है।


प्रशासन शहर में बस सेवा को बढ़ाकर ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहता है। यूटी प्रशासन ने पीएम ई-बस सेवा के तहत केंद्र से 428 इलेक्ट्रिक बसों की मांग की है। फिलहाल, ट्राईसिटी के विभिन्न रूटों पर सेवाएं दे रही हैं, जिनमें से कई बसें अब धुआं छोड़ने लगी हैं।