दुबई में सुरक्षा कारणों से गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा बंद
दुबई में गुरुद्वारे का बंद होना
दुबई: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे गंभीर संघर्ष का प्रभाव अब खाड़ी के अन्य देशों में भी महसूस किया जा रहा है। इस बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, दुबई सरकार ने 3 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जेबेल अली में स्थित गुरु नानक दरबार गुरुद्वारे को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आदेश दिया है। गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सुरेंदर सिंह कंधारी ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें दुबई पुलिस से गुरुद्वारे को बंद करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी धार्मिक भेदभाव के कारण नहीं लिया गया है, बल्कि मौजूदा युद्ध की स्थिति में आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बिगड़ते हालात और सुरक्षा खतरों को देखते हुए दुबई की कम्युनिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) ने यह कठोर और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अथॉरिटी ने अगले आदेश तक इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे को बंद रखने का आधिकारिक पत्र भी जारी किया है। खाड़ी देशों में युद्ध के फैलने की आशंकाओं के चलते प्रशासन किसी भी प्रकार के जोखिम से बचना चाहता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
दुबई सरकार के आदेश के बाद, गुरुद्वारा प्रबंधन ने एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है, जिसमें श्रद्धालुओं को सभी धार्मिक सेवाएं और दर्शन तुरंत प्रभाव से रोकने की सूचना दी गई है। प्रशासन ने इसके पीछे की मुख्य वजह भी बताई है। उनका कहना है कि यह गुरुद्वारा जेबेल अली पोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान के निकट स्थित है। ऐसे में युद्ध के दौरान मिसाइल हमलों या मिसाइल इंटरसेप्शन की स्थिति में आसमान से गिरने वाले मलबे से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। इस खतरे को देखते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
