रोहतक में बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसान चिंतित

रोहतक में फसल क्षति की स्थिति
रोहतक फसल क्षति (रोहतक) : इस वर्ष जिले में औसत से अधिक बारिश ने किसानों के लिए समस्याएँ खड़ी कर दी हैं। 40 गांवों के 4,364 किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी 29,302 एकड़ भूमि का पंजीकरण कराया है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, और किसान तेजी से क्षतिपूर्ति के लिए पंजीकरण करवा रहे हैं।
महाम खंड में सबसे अधिक प्रभावित
यह आंकड़ा शाम साढ़े 8 बजे का है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र महम खंड है, जहां 14 गांवों के 2,918 किसानों ने अपनी क्षति दर्ज की है। किसानों का कहना है कि अगेती धान, कपास और अन्य फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई फसलें बर्बादी की कगार पर पहुँच गई हैं, जिससे किसानों की लागत भी निकल पाना मुश्किल हो गया है।
बरसात का औसत सामान्य से अधिक
इस वर्ष बारिश का औसत सामान्य से कहीं अधिक रहा है। जुलाई 2024 में 49.4 एमएम बारिश हुई थी, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 284.2 एमएम तक पहुँच गया। अगस्त 2025 में भी 152 एमएम बारिश दर्ज की गई। किसानों का कहना है कि यदि सरकार जल्द विशेष गिरदावरी और मुआवजे की घोषणा नहीं करती, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी।
सुरजन गांव में पंचायत का निर्णय
सुरजन गांव में पंचायत, बनाएंगे कच्चा बांध
सुरजन गांव के निवासी शुक्रवार को चौपाल में एकत्रित हुए। गांव के सरपंच काजल ने बताया कि खेतों में पानी अधिक होने के कारण समस्या बनी हुई है। बारिश के आसार बढ़ रहे हैं। पंचायत ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव के चारों ओर मिट्टी का कच्चा बांध बनाया जाएगा।
क्षतिपूर्ति के लिए पंजीकरण की स्थिति
क्षतिपूर्ति के लिए पंजीकरण की रफ्तार
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण के आंकड़े इस प्रकार हैं:
सांपला: 8 गांव, 534 किसान
रोहतक: 0 गांव, 0 किसान
महम: 14 गांव, 2,918 किसान
लाखन माजरा: 1 गांव, 139 किसान
कलानौर: 17 गांव, 791 किसान
कुल: 40 गांव, 4,364 किसान
जलभराव से फसलों पर प्रभाव
जलभराव से किसानों की फसल हुई प्रभावित
सांपला क्षेत्र में हाल की तेज बारिश के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई जगहों पर फसलें खराब होने की कगार पर हैं। जलभराव के कारण किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
किसानों की चिंताएँ
जलभराव के कारण सांपला, गढ़ी पाकस्मा अटायल, गांधरा, कसरंटी, मोरखेड़ी, चुलियाना, समचाना और इस्माइला गांवों में फसलों को नुकसान हो सकता है। बारिश के कारण ज्वार, बाजरा, ग्वार और सब्जियाँ खराब हो गई हैं। कई जगहों पर धान की फसल भी पानी में डूब गई है। यदि बारिश जारी रही, तो कई एकड़ फसलें पूरी तरह से खराब हो जाएँगी।