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अजमेर अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही का मामला: महिला का स्वस्थ दांत निकाला गया

अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में एक महिला मरीज ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने उनके स्वस्थ दांत को निकाल दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया, और परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। शबाना खान, जो दर्द से परेशान थीं, ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर को सही दांत के बारे में बताया था, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है।
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अजमेर अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही का मामला: महिला का स्वस्थ दांत निकाला गया

अजमेर JLN अस्पताल में विवादास्पद घटना

अजमेर JLN अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही: अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के डेंटल विभाग में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक महिला मरीज ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने उनके दर्द वाले दांत के बजाय स्वस्थ दांत निकाल दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया और परिजनों ने जोरदार नारेबाजी की।


शबाना खान का दर्दनाक अनुभव

अजमेर की निवासी शबाना खान पिछले दो महीनों से दांत के तेज दर्द से परेशान थीं। हाल ही में जब उन्होंने JLN अस्पताल में जांच कराई, तो डॉक्टरों ने एक खराब दांत निकालने की सलाह दी। शुक्रवार को शबाना अपने पति के साथ प्रक्रिया के लिए आईं, लेकिन जो हुआ, उससे उनका परिवार सदमे में है।


शबाना का आरोप

शबाना का कहना है कि महिला डॉक्टर ने गलती से उनका स्वस्थ दांत निकाल दिया। उन्होंने बताया, 'मैंने बार-बार डॉक्टर को बताया कि यह दांत ठीक है, दर्द वाला दांत दूसरा है, लेकिन डॉक्टर ने मेरी एक भी बात नहीं सुनी।' मरीज ने यह भी कहा कि डॉक्टर प्रक्रिया के दौरान पूरी तरह से ध्यान नहीं दे रही थीं। शबाना ने कहा, 'डॉक्टर अपनी सहेलियों और सहयोगियों से लगातार बातें कर रही थीं। उनकी लापरवाही के कारण मेरा सही दांत निकल गया।'


परिजनों का विरोध और अस्पताल में हंगामा

जब शबाना को एहसास हुआ कि गलत दांत निकाला गया है, तो उन्होंने तुरंत विरोध जताया। उनके पति और अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंचे और डेंटल विभाग में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शिकायत की, तो अस्पताल के स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की।


अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया

अस्पताल प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि शबाना खान की लिखित शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यदि डॉक्टर दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और डॉक्टरों की लापरवाही को लेकर उठ रहे सवालों को फिर से उजागर करती है।

आम आदमी महंगे प्राइवेट अस्पतालों का खर्च नहीं उठा पाता और सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करता है। ऐसे में यदि यहां भी लापरवाही होती है, तो मरीज कहां जाएं? शबाना खान अब दर्द के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेल रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और मरीज के साथ ऐसा न हो। अभी जांच चल रही है, लेकिन इस घटना ने अजमेर के JLN अस्पताल की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।