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इंडोनेशियाई महिला का दुपट्टा बचाने के लिए भारतीय व्यक्ति ने दिखाई बहादुरी

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक भारतीय व्यक्ति ने एक इंडोनेशियाई महिला का दुपट्टा बचाने के लिए ट्रेन के नीचे कूदकर साहस का परिचय दिया। महिला ने इस घटना के बारे में बताया कि उसे उम्मीद नहीं थी कि कोई इतनी हिम्मत दिखाएगा। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे वह व्यक्ति दुपट्टा निकालकर महिला को सौंपता है। इस घटना ने लोगों का दिल जीत लिया है और वीडियो को लाखों बार देखा गया है। जानिए इस दिलचस्प कहानी के बारे में और भी।
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इंडोनेशियाई महिला का दुपट्टा बचाने के लिए भारतीय व्यक्ति ने दिखाई बहादुरी

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो


सोशल मीडिया पर रोजाना कई वीडियो साझा किए जाते हैं, लेकिन कुछ वीडियो ऐसे होते हैं जो लोगों का दिल जीत लेते हैं। हाल ही में एक वीडियो एक इंडोनेशियाई महिला ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, जिसमें एक भारतीय व्यक्ति उसकी दुपट्टा उठाने के लिए ट्रेन के नीचे चला जाता है।


इस वीडियो में महिला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन के दरवाजे के पास दिखाई देती है। जैसे ही वह अपना कैमरा संभालने की कोशिश कर रही होती है, उसका दुपट्टा फिसल जाता है।


वीडियो में दिखी बहादुरी

महिला का दुपट्टा गिरते ही वह थोड़ी घबरा जाती है और उसे निकालने की कोशिश करती है। तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति पास आता है और उसे रुकने का इशारा करता है। पहले वह व्यक्ति प्लेटफॉर्म से ही दुपट्टा निकालने की कोशिश करता है, लेकिन जब वह सफल नहीं होता, तो वह प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के नीचे रेलवे ट्रैक पर कूद जाता है और दुपट्टा निकाल लेता है।


दुपट्टा निकालने के बाद, वह व्यक्ति उसे महिला को सौंपता है और मुस्कुराते हुए वहां से चला जाता है। महिला भी दुपट्टा पाकर खुश हो जाती है, लेकिन जब वह उस व्यक्ति को धन्यवाद देने की कोशिश करती है, तब तक वह वहां से निकल चुका होता है.


महिला की प्रतिक्रिया


महिला ने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर बताया और कहा कि उसे उम्मीद नहीं थी कि कोई इतनी हिम्मत दिखाएगा और दूसरों की मदद के लिए ट्रैक पर कूद जाएगा। उसने कहा कि उसे इस तरह से किसी की मदद लेना अच्छा नहीं लगा। वीडियो के कैप्शन में महिला ने लिखा कि राहुल बिल्कुल सही समय पर आया। उसने इस पूरे दृश्य को डीडीएलजे से जोड़ा। इस वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और कई लोगों ने इस पर टिप्पणी की है। एक ने कहा कि यही सादगी है, जबकि दूसरे ने कहा कि मदद करने वालों को धन्यवाद की आवश्यकता नहीं होती। कुछ यूजर्स ने भारतीयों की भी तारीफ की।