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ईरान के नेता खामेनेई की मौत पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद, विभिन्न नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। रीता पनाही ने खामेनेई के निधन को ईरान की मुक्ति की ओर एक कदम बताया है। इस घटना पर ट्रंप और पुतिन की टिप्पणियां भी सामने आई हैं। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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ईरान के नेता खामेनेई की मौत पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं

खामेनेई की मौत की खबर पर प्रतिक्रियाएं


नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की सूचना के बाद, अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों पर वैश्विक स्तर पर तीव्र प्रतिक्रियाएं आई हैं।


रीता पनाही की टिप्पणी

स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया पर एक लाइव प्रसारण में, होस्ट रीता पनाही ने कहा कि 47 वर्षों के इस्लामी शासन के बाद तानाशाह का अंत हो गया है और ईरान अब स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है।


उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहादुरी की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपने जीवन में ऐसा दिन देख पाएंगी। प्रसारण के दौरान, पनाही ने फारसी में भी तीखी टिप्पणियां कीं।


उन्होंने ईरान में खामेनेई के समर्थकों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा, 'तुम नरक में जलो', जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।


ईरान की मुक्ति की संभावना

पनाही ने अपने कॉलम में लिखा कि 47 वर्षों के क्रूर शासन के बाद, ईरान मुक्ति के कगार पर है और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' 9.2 करोड़ ईरानियों को एक निर्दयी शासन से मुक्त कर सकता है।


उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह सोच-समझकर कहा गया था।



सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

उनके सह एंकर रोवन डीन ने इसे पनाही के लिए एक व्यक्तिगत क्षण बताया। पनाही ने पहले कहा था कि उन्हें उत्पीड़न के डर से ईरान लौटने में संकोच है। यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया गया, जिसे कुछ ही घंटों में 1 लाख से अधिक बार देखा गया।



अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक बताया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आने वाले दिनों में और ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और शोक संवेदना व्यक्त की।