ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु से देश में शोक की लहर
ईरान में खामेनेई की मृत्यु का प्रभाव
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर ने पूरे देश में शोक का माहौल बना दिया है। उनके हजारों समर्थक इजरायल और अमेरिका के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोगों का गहरा दुख स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
टीवी एंकर की भावुक प्रतिक्रिया
एक ईरानी टीवी न्यूज एंकर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें वह इस दुखद समाचार को सुनाते हुए अपने आंसू नहीं रोक पाते और फूट-फूट कर रोने लगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को इसके लिए कीमत चुकानी पड़ेगी, जो किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं चुकाई।
चार दशकों का शासन
अमेरिका द्वारा ईरान को लगातार चेतावनियों के बीच, खामेनेई की मृत्यु एक संयुक्त ऑपरेशन का परिणाम है। उन्होंने लगभग 40 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया और 86 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। यह घटना पूरे देश को हिला देने वाली है।
खामेनेई ने अपने जीवन का अधिकांश समय ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए अमेरिका और इजरायल से संघर्ष करते हुए बिताया। उन पर कई गंभीर आरोप भी लगे। उन्होंने अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के निधन के बाद इस पद को संभाला था, और उनका कार्यकाल खोमैनी से कहीं अधिक लंबा रहा। इस दौरान उन्होंने विश्वभर में शिया मुसलमानों का विस्तार किया।
ईरान की बिगड़ती स्थिति
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों के कारण वैश्विक आलोचना का सामना कर रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने देश पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है। हालांकि, यह जानकारी मिलती रही है कि परमाणु कार्यक्रमों पर काम जारी है।
खामेनेई के प्रति ईरान की जनता में विभाजन है। एक समूह उन्हें धार्मिक नेता मानता है, जबकि दूसरा उन्हें दुश्मन समझता है। इन विरोधियों ने खामेनेई के खिलाफ कई आंदोलन किए। 2022 में महसा अमिनी के खिलाफ कार्रवाई ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, जब उन्हें सामाजिक पाबंदियों का पालन न करने पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद ईरान समर्थित हमास ने इजरायल पर हमला किया, जिससे अमेरिका भी इस मामले में हस्तक्षेप करने लगा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
An Iranian news anchor broke down in tears on live television while reading the news of Ali Khamenei’s death. pic.twitter.com/5v7WpTBYr4
— Visegrád 24 (@visegrad24) March 1, 2026
