उत्तर प्रदेश में महिला ने पांच दिनों में चार बच्चों को जन्म दिया
अनोखा मामला मुरादाबाद में
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के संभल जिले की एक महिला, अमीना, ने चिकित्सा विज्ञान को चौंका दिया है। उसने केवल पांच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया है, जो एक असाधारण घटना है। यह मामला मुरादाबाद के एक अस्पताल में सामने आया है।
महिला ने चार बच्चों को अलग-अलग तारीखों पर जन्म दिया
विशेष बात यह है कि चारों बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव के माध्यम से अलग-अलग तारीखों पर हुआ और मां तथा सभी नवजात बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। अमीना, जो संभल के ओबरी गांव की निवासी हैं, की शादी मोहम्मद आलिम से दो साल पहले हुई थी। आलिम गांव में एक किराना स्टोर चलाते हैं।
डॉक्टरों की हैरानी
अमीना की गर्भावस्था शुरू से ही चुनौतीपूर्ण रही। गर्भ के दूसरे महीने में अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि अमीना के गर्भ में चार बच्चे हैं। सभी बच्चे अलग-अलग थैलियों में थे, जिससे गर्भावस्था उच्च जोखिम में आ गई थी।
उत्तरप्रदेश- संभल की अमीना ने 5 दिन के अंदर 4 बच्चों को जन्म दिया है.
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) May 15, 2026
अमीना ने 9 मई को एक बेटे को जन्म दिया. 14 मई को अमीना ने एक बेटे और दो बेटियों को जन्म दिया. सभी बच्चे सामान्य प्रसव प्रक्रिया से पैदा हुआ है. सभी बच्चे सकुशल, स्वस्थ है.
अमीना की कोख में 4 बच्चे है यह बात… pic.twitter.com/aZPIm4CmlU
डॉक्टरों ने अमीना के प्रसव को सावधानीपूर्वक मॉनिटर किया। हाल ही में, मुरादाबाद के अस्पताल में उसने पांच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार, यह मामला काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि चारों डिलीवरी सामान्य तरीके से हुईं।
डॉक्टरों ने बताया कि चार जुड़वा बच्चों की गर्भावस्था अपने आप में दुर्लभ होती है, और अलग-अलग दिनों में सामान्य प्रसव होना और भी अनोखा है। अस्पताल में मां और बच्चों की देखभाल की जा रही है। चारों बच्चे स्वस्थ हैं और डॉक्टर जल्द ही उन्हें घर जाने की अनुमति दे सकते हैं।
परिवार में खुशी का माहौल
मोहम्मद आलिम ने कहा कि पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। दो साल पहले निकाह के बाद पहली बार चार बच्चों की उम्मीद किसी ने नहीं की थी। अब परिवार अमीना और बच्चों की सेहत को लेकर काफी सतर्क है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गर्भावस्था में मां को कई जोखिम उठाने पड़ते हैं। खान-पान, आराम और नियमित जांच बहुत आवश्यक होती है। अमीना के मामले में सही समय पर इलाज और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण साबित हुआ।
