एक अनोखी श्रद्धांजलि: बहन की याद में विंड चाइम बनवाने वाली एरिन की कहानी
एक अनोखी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली: डेनवर से एक दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आई है, जिसने कई लोगों को प्रभावित किया है। 43 वर्षीय एरिन मेरेली ने अपनी बहन की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने पारंपरिक अंतिम संस्कार के बजाय अपनी बहन की हड्डियों से एक विंड चाइम बनवाकर उसे अपने घर की बालकनी में लटका दिया।
एरिन ने बताया कि उनकी बहन ने मरने से पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि उसे न जलाया जाए और न ही दफनाया जाए। उसकी इच्छा थी कि उसकी याद में एक नीली विंड चाइम बनाई जाए। बहन के निधन के बाद, एरिन ने इस इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया।
अल्कलाइन हाइड्रोलिसिस प्रक्रिया
क्या है 'अल्कलाइन हाइड्रोलिसिस' प्रक्रिया?
इस प्रक्रिया को जल आधारित अंतिम संस्कार के रूप में जाना जाता है। इसमें शरीर को पानी और विशेष रसायनों के साथ रखा जाता है, जिससे शरीर के ऊतकों का धीरे-धीरे विघटन होता है। बचे हुए तरल का उपयोग पौधों में किया गया ताकि यादें प्रकृति के माध्यम से जीवित रहें।
इस प्रक्रिया के बाद, हड्डियों को सुखाकर उनका पाउडर तैयार किया गया। फिर, कलाकार केली गिलरन की सहायता से इस अस्थि पाउडर को एक विशेष सांचे में ढाला गया।
विंड चाइम का रंग
क्यों रखा हल्का नीला रंग?
विंड चाइम में हल्का नीला रंग इसलिए चुना गया क्योंकि यह उनकी बहन का पसंदीदा रंग था। अब यह विंड चाइम एरिन के घर की बालकनी में टंगी हुई है। जब भी हवा चलती है और उससे आवाज आती है, एरिन को अपनी बहन की उपस्थिति का अहसास होता है।
एरिन पेशे से डेथ एजुकेटर हैं और लोगों को यह समझाने का कार्य करती हैं कि शोक मनाने के तरीके भिन्न हो सकते हैं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी अंतिम इच्छा निर्धारित करने का अधिकार होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर इस कहानी को लेकर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ इसे बेहद भावुक और खास मानते हैं, जबकि कुछ इसे अजीब समझते हैं। फिर भी, एरिन के लिए यह उनकी बहन के प्रति प्यार और सम्मान का एक अनूठा तरीका है।
