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चंद्रमा को एस्टेरॉयड 2024 YR4 से कोई खतरा नहीं: नासा की पुष्टि

नासा ने हाल ही में पुष्टि की है कि एस्टेरॉयड 2024 YR4, जो पहले चंद्रमा से टकराने का संभावित खतरा माना जा रहा था, अब सुरक्षित है। वैज्ञानिकों ने नए डेटा के आधार पर यह जानकारी दी है कि 2032 में चंद्रमा को कोई खतरा नहीं है। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की उन्नत तकनीक ने इस एस्टेरॉयड की सटीक स्थिति का पता लगाने में मदद की है। यह खोज भविष्य में अंतरिक्ष से आने वाले खतरों की पहचान में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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चंद्रमा को एस्टेरॉयड 2024 YR4 से कोई खतरा नहीं: नासा की पुष्टि

चंद्रमा सुरक्षित रहेगा

नई दिल्ली: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र से एक सकारात्मक समाचार आया है। वैज्ञानिकों ने यह पुष्टि की है कि एस्टेरॉयड 2024 YR4, जो एक विशाल अंतरिक्षीय पत्थर है, साल 2032 में चंद्रमा से टकराने वाला नहीं है। नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप द्वारा हाल ही में किए गए अवलोकनों के बाद इस संभावित खतरे को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।

जब 2024 के अंत में इस एस्टेरॉयड की खोज की गई थी, तब प्रारंभिक गणनाओं में यह आशंका जताई गई थी कि यह भविष्य में चंद्रमा से टकरा सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि यह पृथ्वी से टकराने वाला नहीं है, लेकिन चंद्रमा के संबंध में अनिश्चितता बनी हुई थी।


2032 में कोई टक्कर नहीं

चंद्रमा सुरक्षित रहेगा

अब फरवरी 2026 में एकत्रित नए डेटा के आधार पर वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि 2032 में ऐसी कोई घटना नहीं होगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, एस्टेरॉयड 2024 YR4 का आकार और गति काफी बड़ी मानी जा रही थी। यदि यह चंद्रमा से टकराता, तो वहां एक बड़ा गड्ढा बन सकता था और टक्कर से उत्पन्न मलबा अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रहों और चंद्र मिशनों के लिए खतरा पैदा कर सकता था।


जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की भूमिका

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की अहम भूमिका

इस मामले में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। जब इस टेलीस्कोप ने एस्टेरॉयड को ट्रैक किया, तब यह इतना धुंधला दिखाई दे रहा था कि इसकी तुलना पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी पर रखे एक छोटे बादाम को देखने से की गई। इसकी चमक इतनी कम थी कि यह मानव आंख से दिखाई देने वाले सबसे कमजोर तारे से भी अरबों गुना कम थी।


सटीक अनुमान लगाने में मदद

सही अनुमान लगाने में मदद

दुनिया के कई ग्राउंड टेलीस्कोप इस एस्टेरॉयड को ठीक से देख नहीं पाए थे, लेकिन जेम्स वेब की उन्नत तकनीक ने इसे फिर से खोजकर इसकी सटीक स्थिति का पता लगाया। वैज्ञानिकों का कहना है कि अतिरिक्त महीनों के डेटा ने इसकी कक्षा का सही अनुमान लगाने में महत्वपूर्ण मदद की।

यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह साबित हुआ है कि जेम्स वेब टेलीस्कोप भविष्य में अंतरिक्ष से आने वाले खतरों को पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसे एक प्रकार से ग्रह सुरक्षा यानी 'प्लैनेटरी डिफेंस' के उपकरण के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


नासा का नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट

नासा का नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट क्या है?

भविष्य में नासा का नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) सर्वेयर मिशन और नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट ऐसे खतरनाक एस्टेरॉयड की पहले से पहचान करने में मदद करेंगे। वर्तमान में, वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्रमा पूरी तरह सुरक्षित है और 2032 में किसी टक्कर की संभावना नहीं है।