चीन में लग्जरी कार के साथ दफनाने की अनोखी परंपरा पर विवाद
नई दिल्ली: एक अनोखी अंतिम यात्रा
नई दिल्ली: इंसान इस जीवन से कुछ भी लेकर नहीं जाता। धन, प्रसिद्धि, घर और संपत्ति सब यहीं रह जाते हैं। इस विचार पर कई लेख लिखे गए हैं। फिर भी, कुछ लोग ऐसे हैं जिनका मानना है कि किसी व्यक्ति की पसंदीदा वस्तुओं को उसके साथ दफनाना चाहिए, ताकि उसे परलोक में आराम मिले।
चीन में दफनाने की घटना
हाल ही में चीन में एक अंतिम यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इस विशेष दफनाने की घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना लियाओनिंग प्रांत में हुई, जहां एक परिवार ने अपने मृत रिश्तेदार के अंतिम संस्कार के दौरान कब्र में एक लग्जरी कार दफनाने का निर्णय लिया। यह घटना तेजी से वायरल हो गई और चर्चा का विषय बन गई।
हमें लगता है उसे व्यक्ति को यह मर्सिडीज़ बहुत पसंद थी इसीलिए डेड बॉडी के साथ इसको भी दफनाया गया pic.twitter.com/aHJV6vOVgm
— ARJAV OM (@RPYadav53168270) April 19, 2026
कैसे किया गया दफन?
परिवार ने कब्र में एक महंगी मर्सिडीज-बेंज S450L सेडान रखने का निर्णय लिया। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक खुदाई करने वाली मशीन कार को कब्र के गड्ढे में उतार रही है, जिसके बाद उसे मिट्टी से ढक दिया जाता है।
इस कार की कीमत लगभग 1.49 करोड़ भारतीय रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा, कार की नंबर प्लेट पर '8888' अंक था, जिसे चीनी संस्कृति में शुभ माना जाता है। इस घटना को सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है।
यह कदम क्यों उठाया गया?
परिवार का कहना है कि यह कदम पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उठाया गया था, जिसमें कुछ वस्तुओं को मृतक के साथ दफनाया जाता है ताकि वे परलोक में उनके काम आ सकें। हालांकि, इस विशेष मामले में जिस तरह से यह किया गया, उसने लोगों को चौंका दिया।
सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने इस कदम की आलोचना की, इसे संसाधनों की बर्बादी और पर्यावरण के लिए हानिकारक बताया। आलोचकों का कहना है कि इतनी महंगी कार को दफनाना एक बर्बादी है। वहीं, कुछ लोगों ने परिवार का समर्थन करते हुए इसे व्यक्तिगत आस्था की अभिव्यक्ति और श्रद्धांजलि देने का अनोखा तरीका बताया।
चीन के अधिकारियों की प्रतिक्रिया
बढ़ते विवाद को देखते हुए, स्थानीय अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने इस कार्य की निंदा करते हुए इसे सामंती अंधविश्वास बताया और ऐसी प्रथाओं के खिलाफ चेतावनी जारी की। नागरिक मामलों के विभाग ने पुष्टि की कि परिवार को फटकार लगाई गई है और इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
परिवार ने इसके बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। अब उन्हें आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कब्र से कार को बाहर निकालने, उस स्थान की सफाई करने और पर्यावरण को फिर से ठीक करने की जिम्मेदारी भी उन पर डाली जा सकती है।
