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जापानी बंदर पंच की खिलौने के साथ अनोखी कहानी

जापानी बंदर पंच की कहानी ने सभी का ध्यान खींचा है, जिसने अपने खिलौने ओरा-मामा के साथ एक अनोखी दोस्ती बनाई है। जन्म के बाद अकेलेपन से जूझते हुए, पंच ने इस खिलौने को अपना साथी बना लिया। अब यह खिलौना ऑनलाइन शॉपिंग साइटों पर ऊंचे दामों पर बिक रहा है। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और कैसे यह खिलौना लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया है।
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जापानी बंदर पंच की खिलौने के साथ अनोखी कहानी

पंच और ओरंगुटान खिलौने की दिलचस्प कहानी


एक जापानी बंदर, जिसका नाम पंच है, ने ओरंगुटान नामक खिलौने के साथ एक अनोखी कहानी बनाई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। इस नन्हें बंदर ने इस खिलौने को इतना लोकप्रिय बना दिया है कि अब यह ऑनलाइन शॉपिंग साइटों पर ऊंचे दामों पर बिक रहा है।


पंच की कहानी का दिलचस्प पहलू

पंच का जन्म पिछले वर्ष जापान के इचिकावा सिटी चिड़ियाघर में हुआ था। जन्म के बाद उसकी मां ने उसे छोड़ दिया, जिससे वह अकेला हो गया। चिड़ियाघर के अन्य बंदरों द्वारा परेशान किए जाने पर, उसे ओरा-मामा नामक मुलायम खिलौना ही सहारा बना। धीरे-धीरे, पंच ने इस खिलौने को अपनी मां मान लिया और उसके साथ सोने, खेलने और समय बिताने लगा। इस प्रकार, यह नन्हा बंदर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ओरा-मामा के लंबे बालों के कारण, पंच उसे आसानी से पकड़ लेता है और पूरे चिड़ियाघर में घसीटता है।



जूकीपर की राय

जू की देखभाल करने वाले कोसुके सिकानो ने बताया कि हमने सोचा कि पंच इस खिलौने के समान दिखता है, इसलिए हमने उसे यह खिलौना दिया ताकि वह अपने झुंड में वापस आ सके।



खिलौने की बढ़ती मांग

IKEA कंपनी ने इस खिलौने को पेश किया है। इसकी कीमत लगभग 1650 रुपए थी, लेकिन इसकी बढ़ती मांग के कारण स्टॉक खत्म हो गया है, जिससे इसकी रीसेल कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।



खिलौने की कीमतें

एक रिपोर्ट के अनुसार, ईबे पर यह खिलौना 8300 से 29000 रुपए के बीच बिक रहा है। कंपनी की वेबसाइट पर 8 इंच का छोटा एडिशन भी बिक चुका है। कंपनी अब फिर से इसके स्टॉक को भरने की योजना बना रही है।


पिछले हफ्ते, कंपनी के अध्यक्ष ने इचिकावा सिटी चिड़ियाघर का दौरा किया और पंच के लिए अन्य खिलौने दान किए। जूकीपर्स ने बताया कि अन्य बंदरों द्वारा पंच को परेशान करना उसकी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है और वह धीरे-धीरे अपने झुंड में शामिल हो रहा है। सिकानो ने कहा कि एक दिन आएगा जब पंच को इस खिलौने की आवश्यकता नहीं रहेगी।