जापानी मंत्री की समय की पाबंदी पर माफी, वायरल हुआ वीडियो
जापान में समय की पाबंदी का महत्व
नई दिल्ली: जापान में समय की पाबंदी को अत्यंत गंभीरता से लिया जाता है। यहां तक कि थोड़ी देर से पहुंचना भी एक गलती मानी जाती है। इसी कारण एक जापानी मंत्री का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें उन्होंने मीटिंग में केवल पांच मिनट की देरी होने पर पूरे देश से माफी मांगी।
किमी ओनोडा का वायरल वीडियो
जापान की इकोनॉमिक सिक्योरिटी मिनिस्टर, किमी ओनोडा, इस वायरल वीडियो में नजर आ रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह शुक्रवार सुबह कैबिनेट मीटिंग के लिए जा रही थीं, लेकिन अचानक हुए एक सड़क हादसे के कारण ट्रैफिक जाम हो गया, जिससे वह समय पर नहीं पहुंच पाईं।
A Japanese minister arrives late to a meeting with the Prime Minister and holds a press conference to apologize to the nation. This level of accountability is a powerful lesson in leadership 👏
— Tansu Yegen (@TansuYegen) March 7, 2026
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मीटिंग में देरी का कारण
वीडियो में क्या दिखाया गया?
जैसे ही वह मीटिंग स्थल के पास पहुंचीं, उन्होंने टैक्सी से उतरकर तेजी से बिल्डिंग के अंदर प्रवेश किया। 43 वर्षीय मंत्री, जो एक असिस्टेंट के साथ थीं, मीटिंग रूम की ओर तेजी से सीढ़ियां उतरती नजर आईं।
कैमरे में वह क्षण कैद हुआ जब जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची मीटिंग रूम में आईं। सभी मंत्री उनका स्वागत करने के लिए खड़े हो गए। थोड़ी देर बाद जब कैमरा अंदर गया, तो किमी ओनोडा की सीट खाली दिखी, जिससे यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
लोगों की प्रतिक्रिया
क्या थी देरी होने की वजह?
रिपोर्ट के अनुसार, मीटिंग के बाद किमी ओनोडा ने देश से माफी मांगी। उन्होंने बताया कि सड़क पर अचानक हुए एक हादसे के कारण ट्रैफिक रुक गया था, जिससे वह समय पर नहीं पहुंच पाईं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी स्थितियों को बेहतर तरीके से संभालने के लिए वह और अधिक सतर्क रहेंगी।
लोगों का कैसा रहा रिएक्शन?
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके इस व्यवहार की सराहना की। लोगों ने कहा कि नेताओं का इस तरह से जिम्मेदारी लेना अब कम देखने को मिलता है। एक यूजर ने लिखा कि मंत्री जी आमतौर पर मीटिंग के लिए 15-20 मिनट पहले पहुंचने की आदत बनाती हैं, जो उनके जिम्मेदार रवैये को दर्शाता है।
जापान में समय की पाबंदी क्यों है जरूरी?
जापानी संस्कृति में समय की पाबंदी को सम्मान और भरोसे का प्रतीक माना जाता है। देर से पहुंचना अक्सर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार माना जाता है। शायद इसी कारण से पांच मिनट की देरी और उसके बाद माफी मांगने की यह घटना विश्वभर में चर्चा का विषय बन गई है।
