थाईलैंड में किराए की पत्नी की अनोखी परंपरा
एक अनोखी परंपरा
नई दिल्ली: दुनिया के विभिन्न देशों की अपनी विशेष परंपराएं, नाइटलाइफ और पर्यटन स्थल हैं, लेकिन एक ऐसा देश भी है जहां एक अनोखी प्रथा प्रचलित है। विशेष रूप से इस देश के कुछ क्षेत्रों में किराए पर पत्नी रखने की परंपरा गहराई से स्थापित हो चुकी है।
जो यात्री अकेले इस देश की यात्रा करते हैं, उनके लिए किराए की पत्नी रखने का विकल्प उपलब्ध है, और यह स्थान भारतीय पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है।
किराए पर पत्नियां किस देश में मिलती हैं?
थाईलैंड, जो अपने खूबसूरत समुद्र तटों और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है, वह देश है जहां किराए की पत्नियां उपलब्ध हैं। यह प्रथा थाईलैंड के कई शहरों में लंबे समय से चली आ रही है और अब यह एक व्यवसाय का रूप ले चुकी है।
विशेष रूप से पटाया जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर महिलाएं पर्यटकों के लिए एक निश्चित समय तक पत्नी की तरह साथी बनकर रहती हैं। यह व्यवस्था पारंपरिक या कानूनी विवाह नहीं है, बल्कि एक निजी समझौता है।
समझौते की प्रकृति
इस समझौते के तहत, महिला साथी एक निश्चित समय तक पत्नी के सभी कर्तव्यों का पालन करती है, जैसे कि पर्यटक के साथ घूमना, उसकी देखभाल करना या बस समय बिताना। यह समय कुछ घंटों से लेकर कई दिनों या महीनों तक हो सकता है। इस दौरान, दोनों पक्ष आपसी सहमति से अपने रिश्ते की शर्तें तय करते हैं।
बिजनेस का विस्तार
जैसे-जैसे पर्यटन का क्षेत्र बढ़ रहा है, यह प्रथा भी तेजी से फैल रही है। बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक थाईलैंड आते हैं, और उनमें से कई अकेले यात्रा करते हैं। इस कारण से साथी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए यह व्यवस्था विकसित हुई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह प्रथा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए आय का एक साधन बन गई है।
खर्च का विवरण
इस व्यवस्था के तहत तय की गई राशि कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे महिला की उम्र, उसकी सुंदरता और शिक्षा। विभिन्न मामलों में यह राशि लगभग $1,600 से लेकर $116,000 तक हो सकती है। हालांकि, यह पूरी व्यवस्था किसी सरकारी कानून के दायरे में नहीं आती, बल्कि यह पूरी तरह से निजी समझौतों पर आधारित होती है।
किताब में चर्चा
किराए की पत्नी के चलन पर हाल ही में प्रकाशित 'Thai Taboo: The Rise of Wife Rental in Modern Society' नामक किताब में विस्तार से चर्चा की गई है। इस किताब में बताया गया है कि कई मामलों में ये अस्थायी रिश्ते अंततः स्थायी रिश्तों में बदल जाते हैं।
