पुणे में महिला ने QR कोड से नंबर चोरी का लगाया आरोप
पुणे में विवादास्पद QR कोड मामला
पुणे की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाया है कि एक रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने QR कोड मेन्यू के माध्यम से उसका मोबाइल नंबर चुरा लिया और उसे रात में अनचाहे संदेश भेजे। यह घटना 28 अप्रैल को हुई और इसके बाद से सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। लोग अब यह जानने के लिए चिंतित हैं कि रेस्टोरेंट में ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी कितनी सुरक्षित है।
महिला का आरोप: स्टाफ ने चुराया नंबर
रिशिका दत्ता, जो पुणे में रहती हैं, एफसी रोड पर एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट में भोजन करने गई थीं। वहां उन्हें पारंपरिक मेन्यू के बजाय QR कोड दिया गया। उन्होंने QR कोड स्कैन किया और मेन्यू देखा, लेकिन उसी रात उन्हें एक अनजान नंबर से संदेश मिलने लगे। रिशिका ने बताया कि जब उन्होंने संदेश पढ़ा तो उन्हें आश्चर्य हुआ, क्योंकि भेजने वाला व्यक्ति उसी रेस्टोरेंट का कर्मचारी था।
उन्होंने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि वह व्यक्ति निजी सवाल पूछ रहा था और दोस्ती करने की कोशिश कर रहा था। रिशिका का आरोप है कि उनका फोन नंबर QR मेन्यू सिस्टम के जरिए चुराया गया। उन्होंने इस घटना को इंस्टाग्राम पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं, और कई महिलाओं ने समान अनुभव साझा किए। कुछ ने कहा कि QR मेन्यू सुविधाजनक है, लेकिन ग्राहक की जानकारी की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता।
क्या QR मेन्यू में है खतरा?
आजकल अधिकांश रेस्टोरेंट पेपर मेन्यू के बजाय QR कोड का उपयोग कर रहे हैं। ग्राहक अपने फोन से स्कैन करके मेन्यू देख सकते हैं और कभी-कभी ऑर्डर भी कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि कई रेस्टोरेंट इन सिस्टम में पर्याप्त सुरक्षा नहीं रखते हैं। किसी भी कर्मचारी को आसानी से ग्राहकों के नंबर, नाम या अन्य जानकारी मिल सकती है। इस मामले में पुणे पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
रिशिका ने कहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो वे कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर सकती हैं। लोगों का मानना है कि रेस्टोरेंट मालिकों को डेटा सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए। ग्राहक का फोन नंबर बिना उसकी अनुमति के इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कई उपयोगकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि सरकार को इस दिशा में नए नियम बनाने चाहिए।
