संत रामपाल का वायरल वीडियो: कूलर के साथ चलने पर उठे सवाल
संत रामपाल का नया वीडियो चर्चा में
नई दिल्ली: प्रसिद्ध धार्मिक नेता संत रामपाल एक बार फिर से मीडिया की सुर्खियों में हैं। इस बार उनका कोई बयान नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो है। इस वीडियो में संत रामपाल के पीछे चल रहे बड़े मूविंग कूलर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है और लोग इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
जेल से रिहाई के बाद का वीडियो
सूत्रों के अनुसार, संत रामपाल लगभग 11 साल 4 महीने और 24 दिन जेल में रहने के बाद हाल ही में रिहा हुए हैं। वायरल वीडियो में उन्हें आराम से चलते हुए देखा जा सकता है, जबकि भीषण गर्मी से बचने के लिए उनके पीछे बड़े कूलर चलाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इसे शाही स्वैग और वीआईपी ट्रीटमेंट के रूप में देख रहे हैं।
संत रामपाल को कुछ ज़्यादा ही गर्मी लगती है तभी तो उनके साथ मूवेबल कूलर चल रहे हैं। तो सोचो 11 साल जेल में बिना कूलर या एसी के रहे होंगे क्या। pic.twitter.com/kCEBSKPJtH
— Harish Divekar (@harishdivekar1) May 19, 2026
प्रतिक्रियाओं की बाढ़
लोगों ने क्या दी प्रतिक्रिया?
वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर मजेदार टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा कि आम आदमी के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे तक कूलर ले जाना मुश्किल होता है, लेकिन यहां बाबा के पीछे चलते कूलर दिखाई दे रहे हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने तंज करते हुए कहा कि गर्मी भी बाबा तक पहुंचने से पहले हार मान गई।
हालांकि, संत रामपाल के समर्थक इस वीडियो को लेकर अलग राय रखते हैं। उनका कहना है कि लोग केवल वीडियो और कूलर पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि बाबा द्वारा गरीबों और किसानों के लिए किए गए कार्यों की चर्चा नहीं हो रही। समर्थकों का दावा है कि संत रामपाल के प्रति लोगों की आस्था लगातार बनी हुई है।
संत रामपाल का मामला
क्या है पूरा मामला?
यह ध्यान देने योग्य है कि 78 वर्षीय संत रामपाल को वर्ष 2014 में हरियाणा के बरवाला कांड के बाद गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस और उनके समर्थकों के बीच बड़ा टकराव हुआ था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके बाद से वह हिसार जेल में बंद थे। हाल ही में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्हें जमानत दे दी।
कोर्ट ने जमानत देते समय यह भी निर्देश दिया कि बाहर आने के बाद किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा न की जाए और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने एक नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे दिखावा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे संत के प्रति श्रद्धा से जोड़ रहे हैं।
