सीतामढ़ी में सड़क दुर्घटना: मानवता पर सवाल उठाने वाला वीडियो वायरल
सीतामढ़ी की दिल दहला देने वाली घटना
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें मानव संवेदनाओं की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं कि स्वार्थ और लालच ने इंसानियत को पीछे छोड़ दिया है।
दुर्घटना का विवरण
यह घटना पुपरी-बेनीपट्टी मुख्य सड़क पर झझिहट चौक के निकट हुई। एक पिकअप गाड़ी, जो मछलियों से भरी थी, ने सड़क पर चल रहे एक छात्र को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि छात्र की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस हादसे में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
दुर्घटना के बाद की स्थिति
हादसे के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई। पिकअप चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे गाड़ी पलट गई और मछलियां सड़क पर बिखर गईं। इस दौरान, वहां मौजूद कुछ लोगों ने जो किया, वह मानवता को शर्मसार करने वाला था। सड़क पर युवक का शव पड़ा रहा, लेकिन कई लोग उसे नजरअंदाज कर मछलियां लूटने में लगे रहे।
सीतामढ़ी के पुपरी में हादसे के बाद इंसानियत शर्मसार!
— Mahesh Amrawanshi (@MaheshAmravans1) January 16, 2026
17 साल के किशोर की सड़क पर मौत, लेकिन भीड़ शव छोड़ मछली लूटती रही.
क्या हम इतने संवेदनहीन हो गए हैं कि इंसानी जान से ज्यादा मछली की कीमत है?#Sitamarhi #BiharNews #viralvideo pic.twitter.com/29Lj1FFEAX
छात्र की दुखद मृत्यु
यह घटना शुक्रवार सुबह लगभग नौ से दस बजे के बीच हुई। मृतक छात्र, रीतेश कुमार, रोज की तरह अपने कोचिंग सेंटर जा रहा था, तभी वह तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आ गया। पुलिस को सूचित करने पर टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक लोगों का असंवेदनशील व्यवहार सामने आ चुका था।
घटना का वायरल वीडियो
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा और दुख दोनों देखने को मिल रहा है। वीडियो में स्पष्ट है कि एक ओर सड़क पर शव पड़ा है और दूसरी ओर लोग मछलियां लूटने में लगे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा कि समाज से इंसानियत खत्म होती जा रही है।
परिवार में शोक
इस हादसे में जान गंवाने वाले छात्र का नाम रीतेश कुमार है, जो सातवीं कक्षा का छात्र था। उसके परिवार में मातम छा गया है। बेटे की मौत की खबर सुनकर उसके पिता संतोष दास और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि समाज के संवेदनहीन होते जा रहे चेहरे को भी उजागर करती है।
