सोशल मीडिया पर 2016 की यादों का नया ट्रेंड
सोशल मीडिया पर पुरानी यादों की लहर
नई दिल्ली: साल 2026 के पहले दो हफ्तों ने सोशल मीडिया पर एक अनोखी भावनात्मक लहर को जन्म दिया है। इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर उपयोगकर्ता अपने जीवन के दस साल पुराने क्षणों को साझा कर रहे हैं। धुंधली आईफोन तस्वीरें, पुराने स्नैपचैट फिल्टर और उस समय का संगीत लोगों को 2016 में वापस ले जा रहा है। '2026 is the new 2016' जैसे कैप्शन के साथ यह ट्रेंड तेजी से फैल रहा है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर पुराने स्नैपचैट डॉग फिल्टर, कम गुणवत्ता वाले वीडियो और पुराने फैशन स्टाइल्स की भरमार हो गई है। उपयोगकर्ता अपने डिजिटल संग्रह से 2016 की तस्वीरें और वीडियो निकालकर साझा कर रहे हैं। कई लोग इन्हें कैरोसेल पोस्ट या छोटे वीडियो के रूप में साझा कर रहे हैं, जिनमें उस समय के लोकप्रिय गाने शामिल हैं। यह सामग्री देखकर लोगों को एक अलग युग की याद आ जाती है।
2016 की यादें क्यों हैं खास?
कई उपयोगकर्ताओं के लिए 2016 एक हल्का और बेफिक्र समय था। उस समय दोस्ती, स्कूल या कॉलेज की जिंदगी और सोशल मीडिया का प्रारंभिक आकर्षण लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था। यही कारण है कि यह ट्रेंड भावनात्मक रूप से लोगों से जुड़ रहा है। कई लोग अपनी पोस्ट के साथ यह भी साझा कर रहे हैं कि उस समय वे मानसिक या पेशेवर रूप से किस स्थिति में थे।
इस ट्रेंड में केवल भावुकता ही नहीं, बल्कि हल्का हास्य भी शामिल है। लोग पुराने फिल्टर, अजीब फैशन और पुराने हेयरस्टाइल पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई पोस्ट में कैप्शन साधारण हैं, जबकि कुछ लोग अपनी पुरानी तस्वीरों के माध्यम से अपने बदलाव को दर्शा रहे हैं। यह ट्रेंड आत्मचिंतन और मनोरंजन का एक अनूठा मिश्रण बन गया है।
सेलेब्रिटीज भी शामिल
इस डिजिटल नॉस्टेल्जिया में सेलेब्रिटीज भी पीछे नहीं हैं। गायक खालिद ने 2016 की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें उनका स्कूल ग्रेजुएशन और दोस्तों के साथ बिताए पल शामिल हैं। मॉडल कार्ली क्लॉस ने भी पुराने स्नैपचैट फिल्टर वाली तस्वीरें पोस्ट कीं। इन पोस्ट्स को देखकर फैंस को भी अपने पुराने दिन याद आ गए।
बिना पुरानी फोटो के भी भागीदारी
कुछ कलाकारों ने इस ट्रेंड में अलग तरीके से भाग लिया। चार्ली पुथ ने 2016 के अपने हिट गाने पर एक फिल्टर वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा, 'सुना है फिर से 2016 चल रहा है?' इससे स्पष्ट है कि यह ट्रेंड केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि उस समय की भावना को फिर से जीने का एक माध्यम बन गया है।
