स्विगी डिलीवरी एजेंट की अनोखी कहानी: जब पिता ने टिप लेने से किया इनकार
दिलचस्प मुलाकात का किस्सा
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति और स्विगी इंस्टामार्ट के डिलीवरी एजेंट के बीच हुई एक साधारण मुलाकात का जिक्र है। यह मुलाकात भले ही सामान्य थी, लेकिन इस पर मिली प्रतिक्रियाएं काफी दिलचस्प हैं। यूजर विनीत ने इस अनुभव को एक्स पर साझा किया, जिसके बाद यह पोस्ट वायरल हो गई।
विनीत ने बताया कि उन्होंने स्विगी इंस्टामार्ट से कुछ किराने का सामान मंगवाया था। जब डिलीवरी एजेंट उनके दरवाजे पर पहुंचा, तो उन्होंने देखा कि उसकी बाइक पर एक छोटा बच्चा बैठा था। यह देखकर विनीत थोड़े चौंक गए।
टिप लेने से किया मना
विनीत ने अपने पोस्ट में लिखा, "आज एक स्विगी डिलीवरी पर्सन इंस्टामार्ट का सामान देने आया। जब वह दरवाजे पर था, तो मैंने देखा कि उसकी बाइक पर कोई और भी बैठा था। पूछने पर उसने बताया कि वह उसका बच्चा है। मैं आमतौर पर टिप देता हूं, लेकिन उसने विनम्रता से मना कर दिया। उसे बस अपनी सेवा के लिए अच्छी रेटिंग चाहिए थी। दुर्भाग्य से, स्विगी ऐप पर डिलीवरी के बाद टिप देने का कोई विकल्प नहीं है। क्या कोई मेरी मदद कर सकता है?"
A Swiggy delivery person came to deliver some Instamart stuff today
— Vineeth K (@DealsDhamaka) January 4, 2026
While he was at the door, I realised that he had someone on his bike. When asked he said it was his kid.
I usually tip directly. He politely refused the tip. He just wanted good rating for his service… pic.twitter.com/31WI8zQH2e
लोगों की प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट पर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। कई यूजर्स ने डिलीवरी एजेंट की मेहनत और ईमानदारी की सराहना की। एक यूजर ने कहा कि अगर कोई टिप नहीं लेना चाहता, तो उसकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि पिता बनने के बाद ही ऐसी जिम्मेदारियों की असली कीमत समझ में आती है।
कई लोगों ने इस घटना को केवल एक भावुक पल नहीं माना, बल्कि इसके पीछे की बड़ी सच्चाई पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि लंबे काम के घंटे, बच्चों की देखभाल के साधनों की कमी और आर्थिक दबाव के कारण कई गिग वर्कर्स अपने बच्चों को साथ लाने को मजबूर होते हैं। कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि डिलीवरी कंपनियों को ऐप में बेहतर टिपिंग विकल्प देने चाहिए और परिवार वाले कर्मचारियों के लिए मजबूत सहायता व्यवस्था बनानी चाहिए।
