Pin Code: किसी भी शहर का पता करना चाहते हैं पिन कोड, तो यहां जानें तरीका
| Jul 11, 2024, 17:30 IST
यदि आप किसी मित्र या रिश्तेदार को पत्र या पार्सल भेज रहे हैं या मनीऑर्डर दे रहे हैं, तो आपके पास प्राप्तकर्ता के बारे में बहुत सारी जानकारी होनी चाहिए। क्षेत्र का नाम, घर का पता और पिनकोड होने से सामान की डिलीवरी आसान हो जाती है। अब आप सोच रहे होंगे कि पिन कोड क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों है? दरअसल, कई जगहों के नाम एक जैसे होते हैं, जिससे सही पता या स्थान ढूंढना मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर पिन कोड हो तो सामान आसानी से सही जगह पर पहुंचाया जा सकता है. लेकिन सवाल ये उठता है कि किसी जगह या इलाके का पिन कोड कैसे पता करें. तो आइए जानते हैं आसान स्टेप्स में किसी इलाके का पिनकोड कैसे पता करें।
भारत में पिनकोड प्रणाली 15 अगस्त 1972 को लागू की गई थी।
भारत में पिन कोड या पोस्टल इंडेक्स नंबर की शुरुआत 15 अगस्त 1972 को श्रीराम भीखाजी वेलंकर द्वारा की गई थी। उस समय वह केंद्रीय संचार मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थे। ये वो समय था जब किसी भी पत्र या वस्तु को पहुंचाने और उस पर नंबर लगाने में काफी दिक्कतें आती थीं। इसी वजह से पिन कोड सिस्टम लागू किया गया. इस सिस्टम के आने के बाद मेल कहां भेजें जैसी कई तरह की समस्याएं आसान हो गई हैं।
कई बार तो लोगों की लिखावट भी समझ में नहीं आती, जिससे मेल या कोई पार्सल भेजने में उलझन होती थी, लेकिन पिन कोड सिस्टम आने के बाद ये सारी मुश्किलें आसान हो गईं। भारत में पिनकोड में 6 अंकों की संख्या होती है और इसे डाक विभाग द्वारा वर्गीकृत किया जाता है। प्रत्येक संख्या किसी विशिष्ट क्षेत्र या स्थान के बारे में जानकारी देती है। जिसकी मदद से पोस्ट ऑफिस के लोग डाक या पार्सल को सही जगह पर पोस्ट कर सकेंगे।
पिन कोड कैसे पता करें
1- सबसे पहले गूगल पर 'पिनकोड वेबसाइट' सर्च करें।
2- इसके बाद 'सेलेक्ट ए स्टेट' विकल्प आएगा, यहां आपको उस राज्य का चयन करना होगा जिसे आप ढूंढ रहे हैं।
3- इसके बाद 'Select a District' का विकल्प दिखाई देगा. उस पर आपको अपनी आवश्यकता के अनुसार जिले का चयन करना होगा।
4- इसके बाद 'Select an Alphabet' विकल्प आएगा। इसमें सभी जगहों के अल्फाबेट नीचे दिखाई देंगे. यहां आपको उस अक्षर का चयन करना होगा जिससे पिनकोड स्थान का नाम शुरू करता है।
5- इसके बाद आपकी स्क्रीन पर सभी जगहों के नाम आ जाएंगे. यहां आपको 'सेलेक्ट ए लोकैलिटी' के विकल्प पर जाना होगा और आवश्यक जगह का चयन करना होगा।
6 इसे चुनने के बाद आप जिस पिनकोड को ढूंढ रहे हैं वह आपके सामने आ जाएगा। इस पिनकोड का इस्तेमाल आप अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार कर सकते हैं।
भारत में पिनकोड प्रणाली 15 अगस्त 1972 को लागू की गई थी।
भारत में पिन कोड या पोस्टल इंडेक्स नंबर की शुरुआत 15 अगस्त 1972 को श्रीराम भीखाजी वेलंकर द्वारा की गई थी। उस समय वह केंद्रीय संचार मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थे। ये वो समय था जब किसी भी पत्र या वस्तु को पहुंचाने और उस पर नंबर लगाने में काफी दिक्कतें आती थीं। इसी वजह से पिन कोड सिस्टम लागू किया गया. इस सिस्टम के आने के बाद मेल कहां भेजें जैसी कई तरह की समस्याएं आसान हो गई हैं।
कई बार तो लोगों की लिखावट भी समझ में नहीं आती, जिससे मेल या कोई पार्सल भेजने में उलझन होती थी, लेकिन पिन कोड सिस्टम आने के बाद ये सारी मुश्किलें आसान हो गईं। भारत में पिनकोड में 6 अंकों की संख्या होती है और इसे डाक विभाग द्वारा वर्गीकृत किया जाता है। प्रत्येक संख्या किसी विशिष्ट क्षेत्र या स्थान के बारे में जानकारी देती है। जिसकी मदद से पोस्ट ऑफिस के लोग डाक या पार्सल को सही जगह पर पोस्ट कर सकेंगे।पिन कोड कैसे पता करें
1- सबसे पहले गूगल पर 'पिनकोड वेबसाइट' सर्च करें।
2- इसके बाद 'सेलेक्ट ए स्टेट' विकल्प आएगा, यहां आपको उस राज्य का चयन करना होगा जिसे आप ढूंढ रहे हैं।
3- इसके बाद 'Select a District' का विकल्प दिखाई देगा. उस पर आपको अपनी आवश्यकता के अनुसार जिले का चयन करना होगा।

4- इसके बाद 'Select an Alphabet' विकल्प आएगा। इसमें सभी जगहों के अल्फाबेट नीचे दिखाई देंगे. यहां आपको उस अक्षर का चयन करना होगा जिससे पिनकोड स्थान का नाम शुरू करता है।
5- इसके बाद आपकी स्क्रीन पर सभी जगहों के नाम आ जाएंगे. यहां आपको 'सेलेक्ट ए लोकैलिटी' के विकल्प पर जाना होगा और आवश्यक जगह का चयन करना होगा।
6 इसे चुनने के बाद आप जिस पिनकोड को ढूंढ रहे हैं वह आपके सामने आ जाएगा। इस पिनकोड का इस्तेमाल आप अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार कर सकते हैं।
