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ईरान से बातचीत के लिए ट्रंप का आमंत्रण, युद्ध समाप्ति की उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत का आमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान यदि बातचीत करना चाहता है, तो वह वाशिंगटन से संपर्क कर सकता है। ट्रंप का मानना है कि ईरान को समझदारी से निर्णय लेना चाहिए ताकि युद्ध जल्दी खत्म हो सके। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पाकिस्तान में महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। जानें इस संघर्ष की पृष्ठभूमि और ट्रंप की रणनीति के बारे में।
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ईरान से बातचीत के लिए ट्रंप का आमंत्रण, युद्ध समाप्ति की उम्मीद

ट्रंप का ईरान को बातचीत का प्रस्ताव

रविवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत करना चाहता है, तो वह वाशिंगटन से संपर्क कर सकता है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम 'द संडे ब्रीफिंग' में दिए गए इंटरव्यू में कहा, 'अगर वे बातचीत करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं या हमें फोन कर सकते हैं। हमारे पास सुरक्षित संचार के लिए अच्छी लाइनें हैं।'


युद्ध की स्थिति

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द ही समाप्त होगा और अमेरिका इस संघर्ष में विजय प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा, 'ईरान के साथ बातचीत करने वाले कुछ लोग समझदार हैं, जबकि कुछ नहीं हैं। मुझे उम्मीद है कि ईरान सही निर्णय लेगा।'


युद्ध की शुरुआत

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे। ट्रंप ने शनिवार को अपने मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकोफ और दामाद कुश्नर की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी थी, जो ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के पाकिस्तान से लौटने के बाद हुआ। इसने बातचीत की संभावनाओं को प्रभावित किया।


अरागची की पाकिस्तान यात्रा

हालांकि, रविवार को अरागची पाकिस्तान लौट आए और उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए 'व्यावहारिक ढांचा' बनाने पर चर्चा की गई।


बातचीत के मुद्दे

तेहरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी तस्नीम के अनुसार, अरागची की बातचीत परमाणु मुद्दे से संबंधित नहीं थी। इसमें निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा की गई:



  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर नया कानूनी शासन लागू करना


  • मुआवजा मिलना


  • दोबारा सैन्य हमलों की गारंटी न देने का वादा


  • नौसेना ब्लॉकेड हटाना



ट्रंप की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने राजदूतों की यात्रा रद्द कर दी क्योंकि यह बहुत महंगी और समय लेने वाली थी। उन्होंने ईरान के प्रस्ताव को 'काफी नहीं' बताया। ट्रंप के अनुसार, 'ईरान ने बहुत कुछ ऑफर किया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था।'


इससे पहले, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का एक दौर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ के नेतृत्व में हुआ था, लेकिन उसमें कोई समझौता नहीं हो सका।


ट्रंप का मानना है कि ईरान को समझदारी से काम लेना चाहिए, ताकि युद्ध जल्दी समाप्त हो और अमेरिका मजबूत स्थिति में रहे।