ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट में तनाव: भारतीय नाविक सुरक्षित
ईरान का होर्मुज पर नियंत्रण
ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी आरोपों के बीच, ईरान ने इस क्षेत्र में आने वाले जहाजों को निशाना बनाना जारी रखा है। हाल ही में, ईरानी नौसेना ने पनामा के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की, जिसमें 21 भारतीय नाविक सवार थे। भारत के शिपिंग मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
यूफोरिया जहाज पर हमला
पनामा के झंडे वाला जहाज, जिसका नाम यूफोरिया है, उन तीन जहाजों में से एक है, जिन पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमला किया। यह घटना तब हुई जब ईरान ने होर्मुज पर अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध किया। ईरान अपने नियंत्रण को बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। इसके अलावा, लाइबेरिया के झंडे वाला एक अन्य जहाज भी इस हमले का शिकार हुआ, जो भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर बढ़ रहा था।
शिपिंग मंत्रालय की पुष्टि
शिपिंग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि यूफोरिया पर सवार सभी 21 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फायरिंग के दौरान कोई भारतीय नाविक घायल नहीं हुआ।
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट
ईरानी मीडिया के अनुसार, फ्रांसेस्का नामक जहाज को बंदर अब्बास पोर्ट पर हिरासत में लिया गया है, जिसमें कोई भारतीय क्रू मेंबर नहीं था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हमले के बाद यूफोरिया ईरानी तट पर फंसा हुआ था।
शिपिंग मंत्रालय का बयान
शिपिंग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गिलब्राल्टर के झंडे वाला बल्क कैरियर, फ्रोसो K, 55,000 मीट्रिक टन सल्फर लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और अब भारत के पारादीप पोर्ट की ओर बढ़ रहा है। भारत सरकार फ्रोसो K को फारस की खाड़ी से निकालने के लिए सतर्क है। इसके अलावा, गरिमा नाम का एक क्रूड ऑयल टैंकर 18 अप्रैल को होर्मुज से रवाना हुआ था और बुधवार को मुंबई पहुंच गया।
