Donald Trump और Benjamin Netanyahu के बीच तनाव: क्या है असली वजह?
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हाल ही में तनाव बढ़ गया है, जो अब वैश्विक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। एक फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें 'पागल' तक कह दिया, जिसकी पुष्टि खुद ट्रंप ने की है।
नेतन्याहू का विवाद को दबाने का प्रयास
इस विवाद के बाद, नेतन्याहू ने इसे 'पारिवारिक मतभेद' बताते हुए इसे दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कभी-कभी ऐसे मतभेद होना सामान्य है, जैसे किसी परिवार में होते हैं।
दोनों नेताओं के बीच निरंतर संवाद
नेतन्याहू ने एक विशेष इंटरव्यू में कहा कि वे और ट्रंप नियमित रूप से संपर्क में हैं और हर दो दिन में एक बार बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वे सुबह किसी मुद्दे पर असहमत हो सकते हैं, लेकिन दोपहर तक सहमति पर पहुँच जाते हैं।
ट्रंप का गुस्सा और विवाद की जड़
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, इस विवाद की जड़ इजरायल द्वारा लेबनान में शुरू किए गए नए सैन्य अभियान में है। इस हमले के कारण ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता को निलंबित कर दिया। ट्रंप ने इस पर नाराज होकर नेतन्याहू को फोन पर फटकार लगाई।
ट्रंप का आक्रामक फोन कॉल
सूत्रों के अनुसार, यह फोन कॉल बेहद तनावपूर्ण थी। ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि अगर वह न होते, तो नेतन्याहू जेल में होते। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी हरकतों के कारण लोग उनसे नफरत करने लगे हैं।
दोस्ती में कड़वाहट
हालांकि, ट्रंप ने बाद में कहा कि वह गुस्से में नहीं थे, बल्कि इजरायल के अड़ियल रुख से परेशान थे। इसके बावजूद, नेतन्याहू ने ट्रंप को इजरायल का सबसे बड़ा मित्र बताया।
