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Donald Trump का विवादास्पद बयान: भारत और चीन को बताया 'नर्क'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत और चीन को 'नर्क' कहा है। उन्होंने जन्मसिद्ध नागरिकता नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे अमेरिकी नागरिकों के अधिकारों में कमी आ रही है। ट्रंप ने कैलिफोर्निया के टेक क्षेत्र में भारतीयों के प्रभुत्व का भी जिक्र किया। उनके इस बयान से भारत और चीन के साथ कूटनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
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Donald Trump का विवादास्पद बयान: भारत और चीन को बताया 'नर्क'

ट्रंप का नया विवाद


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक विवादास्पद पत्र साझा किया है, जिसमें उन्होंने भारत और चीन सहित कुछ देशों को 'नर्क' (hellholes) करार दिया है। यह बयान जन्मसिद्ध नागरिकता की नीति पर चल रही बहस के बीच आया है। ट्रंप का कहना है कि इस नीति का लाभ उठाकर विदेशी नागरिक अमेरिका में आकर अपने परिवार को बुला लेते हैं।


ट्रंप के आरोप

ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा तुरंत नागरिकता प्राप्त कर लेता है और फिर वह अपने परिवार को चीन, भारत या अन्य 'नर्क' से अमेरिका ले आता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे अमेरिकी नागरिकों के अधिकारों और अवसरों में कमी आ रही है।


टेक क्षेत्र में भारतीयों का प्रभुत्व


ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि कैलिफोर्निया के टेक क्षेत्र में नौकरियों पर भारत और चीन के लोगों का कब्जा है, जिससे स्थानीय नागरिकों के लिए अवसर कम हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं पेश किए। उन्होंने 'चेन माइग्रेशन' को अमेरिका के लिए एक बड़ा खतरा बताया और कहा कि इससे देश की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान प्रभावित हो रही है।


जन्मसिद्ध नागरिकता पर ट्रंप का हमला

ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता नीति की कड़ी आलोचना की है। उनका मानना है कि यह मुद्दा अदालतों या वकीलों के बजाय राष्ट्रीय मतदान के माध्यम से तय होना चाहिए। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोल का हवाला देते हुए कहा कि अधिकांश लोग इस नीति को समाप्त करने के पक्ष में हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है जो इस 'मूर्खतापूर्ण' नीति को बनाए रखे हुए है।


उन्होंने अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) को 'आपराधिक' संस्था करार दिया और सुझाव दिया कि संगठित अपराध से लड़ने वाले RICO कानूनों के तहत इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। ट्रंप का आरोप है कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसका बोझ टैक्स देने वाले आम अमेरिकियों पर पड़ रहा है।


कूटनीतिक प्रभाव की चिंता

भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। ऐसे में भारत और चीन जैसे देशों के लिए इस तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग कूटनीतिक स्तर पर नाराजगी पैदा कर सकता है। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर कानूनी बहस चल रही है।