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अमेरिका और यूक्रेन समझौते पर सहमत, जेलेंस्की खनिज भंडार सौंपने को तैयार, ट्रंप पुनर्निर्माण में करेंगे सहयोग

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अमेरिका और यूक्रेन समझौते पर सहमत, जेलेंस्की खनिज भंडार सौंपने को तैयार, ट्रंप पुनर्निर्माण में करेंगे सहयोग


कीव, 26 फरवरी (हि.स.)। संयुक्त राज्य अमेरिका और यूक्रेन एक बड़े समझौते पर सहमत हो गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की अमेरिका को देश का खनिज भंडार सौंपने को तैयार हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके बदले युद्ध से तबाह हुए यूक्रेन को पुनर्निर्माण में यथासंभव सहयोग करेंगे।

सीएनएन ने सूत्र के हवाले से यह खबर प्रसारित की है। इसमें कहा गया है कि समझौते के मसौदे से वह हर चीज हटा दी गई, जिस पर दोनों पक्षों में से किसी एक को भी आपत्ति हो सकती थी। हालांकि अभी तक अमेरिकी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की आने वाले दिनों में वाशिंगटन की यात्रा कर सकते हैं। ऐसे संकेत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को खुद दिए। उन्होंने ओवल ऑफिस से कहा कि सुना है वह शुक्रवार को आ रहे हैं। जेलेंस्की का आना अच्छा रहेगा। हम दोनों मिलकर समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहेंगे। वाकई अमेरिका के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।

इससे पहले सोमवार को भी कहा गया था कि यूक्रेन एक ऐसे समझौते पर सहमत होने के लिए तैयार है जो पुनर्निर्माण निधि में अमेरिका की भागीदारी चाहता है। वह इसके बदले संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने दुर्लभ खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा सौंप सकता है। सूत्र ने कहा था कि अमेरिकी अधिकारियों ने समझौते के मसौदे में शामिल सुरक्षा गारंटी का विरोध किया था।

बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन से पहले की सहायता के बदले उसके खनिजों में 500 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी मांगी थी। जेलेंस्की ने इसे अस्वीकार कर दिया था। उल्लेखनीय है कि यूक्रेन के पास दुनिया के लगभग पांच प्रतिशत महत्‍वपूर्ण खन‍िज हैं। इनमें 19 मिलियन टन से भी अधिक ग्रेफाइट के भंडार हैं। यूक्रेन ग्रेफाइट का उत्‍पादन करने वाले शीर्ष पांच देशों में है। ग्रेफाइट का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने में किया जाता है। इसके अलावा यूरोप के सभी लिथियम भंडारों का एक तिहाई हिस्सा भी यूक्रेन में है। यह भी बैटरी में इस्‍तेमाल होता है। रूस के आक्रमण से पहले यूक्रेन वैश्विक स्तर पर 7 फीसद टाइटेनियम का उत्पादन करता था। यह हवाई जहाजों से लेकर बिजली संयंत्रों तक, विभिन्न प्रकार के उत्पादों के निर्माण में उपयोग की जाने वाली एक हल्की धातु है।

यूक्रेन में दुर्लभ धातुओं के भी महत्वपूर्ण भंडार हैं। यह 17 तत्वों का एक समूह है। इनका उपयोग आधुनिक हथियारों, पवन टर्बाइनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उत्पादों के उत्पादन में किया जाता है। हालांकि, कुछ खनिज भंडारों पर रूस ने कब्जा कर लिया है। यूक्रेन के वित्तमंत्री यूलिया स्विरीडेन्को के अनुसार, रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में अब 350 बिलियन डॉलर के खन‍िज शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद