अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप प्रशासन का युद्ध समाप्ति का दावा
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने का दावा किया है, यह कहते हुए कि युद्धविराम की अवधि समाप्त हो चुकी है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति को आगे की कार्रवाई के लिए संसद से मंजूरी लेनी चाहिए। जानें इस स्थिति के पीछे की जमीनी हकीकत और ट्रंप प्रशासन की रणनीति क्या है।
| May 1, 2026, 18:57 IST
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक आश्चर्यजनक बयान दिया है। प्रशासन का कहना है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध तकनीकी रूप से 60 दिनों की कानूनी समयसीमा समाप्त होने से पहले ही समाप्त हो चुका है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत में हुए युद्धविराम के कारण यह सैन्य संघर्ष अब खत्म माना जाना चाहिए।
संसद की मंजूरी का मुद्दा
अमेरिका के 'वॉर पावर्स रिजोल्यूशन' कानून के तहत, राष्ट्रपति किसी भी सैन्य कार्रवाई को 60 दिनों से अधिक समय तक कांग्रेस की अनुमति के बिना नहीं रख सकते। यह 60 दिनों की अवधि शुक्रवार को समाप्त हो गई है। विपक्ष का कहना है कि ट्रंप को आगे की कार्रवाई के लिए संसद से मंजूरी लेनी होगी, लेकिन व्हाइट हाउस का तर्क है कि युद्ध पहले ही समाप्त हो चुका है, इसलिए नई मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।
सीजफायर और जमीनी स्थिति
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, 7 अप्रैल से लागू हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद से अमेरिकी सेना और ईरान के बीच कोई सीधी गोलीबारी नहीं हुई है। फिर भी, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है, और अमेरिका ने ईरान के तेल टैंकरों को रोकने के लिए अपनी सैन्य घेराबंदी को कम नहीं किया है।
अधिकारियों का कहना है कि 28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है, क्योंकि युद्धविराम की अवधि को बढ़ा दिया गया है।
सरकार की चुनौतियाँ
ट्रंप प्रशासन इस दावे के माध्यम से घरेलू राजनीति और कानूनी बाधाओं से बचने का प्रयास कर रहा है। यदि अमेरिकी संसद इस तर्क को स्वीकार नहीं करती है, तो राष्ट्रपति के लिए सैन्य अभियानों को जारी रखना कठिन हो सकता है। वर्तमान में, व्हाइट हाउस का स्पष्ट रुख है कि ईरान के खिलाफ उनकी रणनीति अब युद्ध के बजाय नियंत्रण और दबाव पर केंद्रित है।
