अमेरिका-ईरान तनाव: होर्मुज में बढ़ी स्थिति, वार्ता पर संकट
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता से पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। यूएस नेवी ने एक ईरानी कार्गो जहाज को अपने कब्जे में ले लिया, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस घटना ने होर्मुज में तनाव को फिर से बढ़ा दिया है। ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली वार्ता में भाग लेने से साफ इंकार कर दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि टॉस्का नामक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था, जिसे अमेरिकी डिस्ट्रायर यूएसएस क्रोंस ने रोका। जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने उसे रोक लिया। इस स्थिति ने मध्य पूर्व में युद्ध की संभावनाओं को फिर से जन्म दिया है।
बातचीत की संभावनाएं कम
वर्तमान में बातचीत से समाधान की कोई संभावना नहीं दिख रही है। अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए उड़ान भरने वाला है। ट्रंप ईरान को धमकी दे रहे हैं, जबकि ईरान किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में बारूदी हमले की संभावना बढ़ गई है। ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है कि यदि वे डील नहीं करते हैं, तो हमले होंगे।
ईरान ने अमेरिका की मांगों को अस्वीकार करते हुए कहा है कि वे शर्तें नहीं मानेंगे और इस्लामाबाद में प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजेंगे। अमेरिका का रवैया भी ठीक नहीं है, जिससे वार्ता की संभावनाएं कम होती जा रही हैं।
मध्य पूर्व में शांति की चुनौतियां
मध्य पूर्व में शांति लाने की कोशिशें विफल होती जा रही हैं। होर्मुज में तनाव बढ़ाने वाली तस्वीरों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। अमेरिका ने ईरानी कार्गो जहाज पर फायरिंग की, जिसके बाद ट्रंप ने कहा कि ईरानी जहाज ने अमेरिकी नेवी की चेतावनी को नजरअंदाज किया।
ट्रंप चाहते हैं कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, लेकिन ईरान ऐसा करने को तैयार नहीं है। ईरान का कहना है कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वे इसे जारी रखेंगे। यदि होर्मुज की नाकेबंदी जारी रहती है, तो ईरान ने चेतावनी दी है कि वे अन्य रास्ते बंद कर देंगे।
