अमेरिका-ईरान संघर्ष: ट्रंप का दावा, सैन्य अभियान नियंत्रण में
ईरान के नौसेना बेड़े को भारी नुकसान
वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को लगभग दो दिन हो चुके हैं। इन हमलों में ईरान के शीर्ष नेता और उनके कई करीबी रिश्तेदारों की मौत की पुष्टि हुई है। अमेरिकी प्रशासन ने बताया कि पहले दिन ही ईरान के 48 प्रमुख नेताओं को मार दिया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
नौसेना के जहाजों को नष्ट करने का दावा
ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिका ने ईरान के नौ नौसैनिक जहाजों को समुद्र में डुबो दिया है, जिनमें कुछ महत्वपूर्ण जहाज भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का नौसैनिक मुख्यालय काफी हद तक नष्ट हो चुका है और अब बाकी बेड़े को निशाना बनाया जा रहा है। ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान निर्धारित समय से पहले प्रगति कर रहा है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
ईरान की बातचीत की इच्छा
ट्रंप ने आगे कहा कि नए ईरानी नेता बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें पहले ही वार्ता करनी चाहिए थी। अब बहुत देर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान वार्ता में देरी कर चालाकी कर रहा था, लेकिन अगर वे बातचीत के लिए तैयार हैं, तो अमेरिका भी सहमत है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बातचीत कब होगी।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
हमलों के बाद, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरानी बलों ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी क्षेत्रों को निशाना बनाया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है, और कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। ट्रंप के इस दावे से युद्ध और तेज होने की संभावना है। अमेरिका और इजरायल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। वहीं, ईरान ने भी कहा है कि वह जवाबी हमले जारी रखेगा। इस स्थिति में पश्चिम एशिया में एक बड़ा और लंबा संघर्ष होने की आशंका बढ़ गई है।
